Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा :जामताड़ा जिले के मेझिया पंचायत स्थित आदिवासी बहुल बेलटांड़ गांव में आज भी बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विधानसभा क्षेत्र में आने वाला यह गांव विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। करीब 25 घरों और 150 से अधिक आबादी वाले इस गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी है।
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दफ्तरों के चक्कर काटकर थके ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से बिजली और पानी की मांग को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास जा रहे हैं। उपायुक्त कार्यालय से लेकर बिजली विभाग तक गुहार लगाई गई। यहां तक कि मंत्री इरफान अंसारी से भी मुलाकात कर आवेदन दिया गया। मंत्री ने आदेश भी दिया, लेकिन जमीनी हकीकत अब तक नहीं बदली है।
तीन किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है पानी
बेलटांड़ गांव में पानी की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को पीने का पानी लाने के लिए करीब तीन किलोमीटर दूर दूसरे पंचायत जाना पड़ता है। बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
बढ़ रहा आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
लगातार अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
विकास के दावों पर सवाल
यह स्थिति सरकार के विकास दावों पर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर योजनाओं की बात होती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं
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