Samachar Post रिपोर्टर, बिहार: राज्य की राजनीति में आज अहम दिन है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विधानसभा में विश्वास मत पेश करेंगे। सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 122 विधायकों के समर्थन की जरूरत है, जबकि एनडीए के पास 201 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में विश्वास मत आसानी से पारित होने की संभावना जताई जा रही है।
एनडीए के पास मजबूत संख्या बल
सत्तारूढ़ गठबंधन में भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), रालोमो और हम के विधायक शामिल हैं। सभी दलों के विधायक सदन में मौजूद रहेंगे, जिससे सरकार का बहुमत मजबूत माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इस विश्वास मत को औपचारिक प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
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सरकार का दावा – कोई दिक्कत नहीं
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार को विश्वास मत हासिल करने में कोई परेशानी नहीं होगी। उनके मुताबिक सभी सहयोगी दल एकजुट हैं और सरकार मजबूत स्थिति में है। पिछले छह महीनों में यह दूसरा मौका है जब एनडीए सरकार को विश्वास मत साबित करना पड़ रहा है।
15 अप्रैल को संभाली थी कमान
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ जेडीयू कोटे से बिजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शपथ के बाद से सरकार प्रशासनिक बैठकों और समीक्षा कार्यों में सक्रिय नजर आ रही है।
विकास और राजस्व पर जोर
मुख्यमंत्री ने हाल ही में वित्त और आंतरिक संसाधन से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक कर राजस्व संग्रह बढ़ाने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए थे। सरकार का कहना है कि राज्य में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।