हजारीबाग में टेंडर प्रक्रिया पर बवाल, ठेकेदारों का हंगामा, पारदर्शिता पर उठे सवाल

Rupa Kumari | March 19, 2026 | 10:56 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग: जिले में सरकारी टेंडर प्रक्रिया को लेकर बुधवार को जमकर बवाल हुआ। पारदर्शिता में कमी के आरोप लगाते हुए ठेकेदारों ने दो अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में हंगामा किया, जिससे दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

दो दफ्तरों में गरमाया माहौल

झील रोड स्थित जल संसाधन विभाग के अधीन जलपथ प्रमंडल संख्या-2 और संत कोलंबस कॉलेज मोड़ स्थित भवन प्रमंडल कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया के दौरान ठेकेदारों ने विरोध जताया। उनका आरोप था कि निविदा प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है, जिससे आक्रोश फैल गया।

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अधिकारी रहे नदारद

हंगामे के दौरान दोनों ही कार्यालयों के कार्यपालक अभियंता मौजूद नहीं थे। इससे नाराज ठेकेदारों का गुस्सा कर्मचारियों पर फूट पड़ा और हालात संभालना मुश्किल हो गया। जलपथ प्रमंडल में तीन योजनाओं के टेंडर में से दो पूरे, एक अधूरा रहा। भवन प्रमंडल में भी कई योजनाओं की प्रक्रिया देर शाम तक पूरी नहीं हो सकी।

करोड़ों की योजनाएं दांव पर

जलपथ प्रमंडल के तहत करीब 55 लाख रुपये की योजनाएं (बरकट्ठा, चलकुसा, कटकमसांडी), भवन प्रमंडल में 5 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाएं प्रस्तावित, इन योजनाओं में सड़क निर्माण, स्कूल सुविधाएं, आंगनबाड़ी मरम्मत और अन्य विकास कार्य शामिल हैं, जिन्हें 90 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

विभाग का पक्ष

प्रभारी कार्यपालक अभियंता अतुल कुमार सिंघल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और विभाग समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सवाल बरकरार

हालांकि ठेकेदारों के विरोध के बाद टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद को कैसे सुलझाता है और विकास कार्यों को कितनी तेजी से जमीन पर उतारता है।

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