योगेंद्र साव के निष्कासन पर सियासी घमासान, तेली समाज ने कांग्रेस पर बनाया दबाव

Rupa Kumari | March 30, 2026 | 02:48 PM IST
  • अंबा प्रसाद ने फैसले पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग के साथ आंदोलन की चेतावनी

Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो: बोकारो में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद सियासी बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने योगेंद्र साव पर पार्टी लाइन के खिलाफ बयान देने और अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए यह कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने सरकार और मुख्यमंत्री पर सार्वजनिक टिप्पणी की थी, जिसके बाद पार्टी ने सख्त कदम उठाया।

अंबा प्रसाद ने उठाए सवाल

इस फैसले का विरोध उनकी बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने खुलकर किया है। उन्होंने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए कहा कि बिना पूरी जांच के ऐसा फैसला लेना उचित नहीं है। उन्होंने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग भी की है।

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तेली समाज का विरोध तेज

मामले में अब तेली समाज भी खुलकर सामने आ गया है। बोकारो जिला तैलिक कल्याण समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। समिति के जिला अध्यक्ष विनेश कुमार नायक ने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि इस फैसले से तैली और साहू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

निष्पक्ष जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी

समाज के प्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार नायक ने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा। तेली समाज के विरोध ने कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर उन इलाकों में ज्यादा पड़ सकता है, जहां इस समाज का प्रभाव मजबूत है।

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