मर्सिडीज बोनट विवाद में बढ़ी तकरार, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई FIR

Rupa Kumari | February 18, 2026 | 04:28 PM IST
  • वायरल वीडियो के बाद गरमाया मामला, पुलिस जांच में जुटी

Samachar Post डेस्क, रांची : रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में मर्सिडीज कार और बुलेट बाइक की टक्कर का मामला अब कानूनी विवाद में बदल गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया। मंगलवार देर रात करीब 11 बजे दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मछली घर चौक के पास हुई टक्कर

घटना सुबह करीब 10:15 बजे मछली घर, देवेंद्र माझी चौक के पास हुई। जानकारी के अनुसार, मर्सिडीज कार (जेएच-01 एफएम) चला रहे मनोज टंडन, जो झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता और पूर्व अपर महाधिवक्ता रह चुके हैं, की कार की टक्कर बुलेट बाइक से हो गई। बुलेट बाइक पर हिंदपीढ़ी निवासी युवक मवाज खान सवार था।

वीडियो वायरल, बढ़ा विवाद

बताया जा रहा है कि घटना के दौरान मवाज खान ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि पुलिस ने अभी तक वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वीडियो सामने आने के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

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अधिवक्ता का पक्ष

मनोज टंडन का कहना है कि वे हाई कोर्ट जा रहे थे, इसी दौरान बुलेट सवार युवक ने ओवरटेक किया और बाइक कार के बाएं हिस्से से सट गई। उनके अनुसार, टक्कर के बाद युवक ने पैसे की मांग की और कार के सामने खड़ा हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक कार के बोनट पर चढ़ गया, जिसके बाद वहां भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने कार आगे बढ़ाई, लेकिन युवक बोनट से नहीं उतरा। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें डोरंडा थाना ले जाया गया।

दिनभर चली सुलह की कोशिश

घटना के बाद मामला डोरंडा थाना पहुंचा, जहां दिनभर दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश होती रही। लेकिन सहमति नहीं बनने पर देर रात दोनों पक्षों ने वाहन से धक्का मारने और अन्य आरोपों को लेकर अलग-अलग FIR दर्ज कराई।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हुआ) की भी जांच की जाएगी। फिलहाल मामला कानूनी प्रक्रिया में है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गलती किस पक्ष की थी।

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