Samachar Post रिपोर्टर,चाईबासा :जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कराने के नाम पर एक रिटायर्ड बैंककर्मी से 16.92 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में चाईबासा पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने और तकनीकी माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने की अपील की है।
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कैसे हुई ठगी?
मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के करलाजोड़ी निवासी रिटायर्ड बैंककर्मी परमेश्वर पुरती को साइबर अपराधियों ने कॉल कर जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कराने का झांसा दिया। इसी बहाने उनसे करीब 16 लाख 92 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर 13 नवंबर को मुफ्फसिल थाना में मामला दर्ज किया गया।
खातों को फ्रीज कर आरोपों की पहचान हुई
पश्चिमी सिंहभूम के एसपी के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने साइबर टोल फ्री नंबर 1930 पर सूचना देकर सभी विवादित बैंक खातों को फ्रीज कराया और आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने 6 दिसंबर को मो. सकीर अंसारी और 7 दिसंबर को मो. इकबाल अहमद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। इसके बाद 13 दिसंबर को मो. नसीम अंसारी (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में नसीम अंसारी ने अपना जुर्म स्वीकार किया और बताया कि इस ठगी में अन्य लोग भी शामिल हैं। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार नसीम अंसारी पहले भी साइबर और अन्य अपराधों में संलिप्त रह चुका है।
अनजान कॉल या मैसेज पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें- पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी अनजान कॉल या मैसेज पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। बैंक डिटेल, ओटीपी या केवाईसी से जुड़ी जानकारी देने से बचें। ठगी की आशंका होने पर तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी, तकनीकी शाखा के चंद्र शेखर, मुफ्फसिल थाना और रिजर्व गार्ड के नागेंद्र शामिल थे।
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