झारखंड शराब घोटाला : विजन हॉस्पिटलिटी कंपनी के तीनों डायरेक्टर रिमांड पर

Rupa Kumari | November 12, 2025 | 04:43 PM IST
  • अहमदाबाद से गिरफ्तार तीनों निदेशक एसीबी रिमांड पर

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में शराब घोटाले की जांच कर रही एसीबी (ACB) ने अहम कदम उठाते हुए अहमदाबाद की कंपनी मेसर्स विजन हॉस्पिटलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के तीन निदेशकों परेश अभेयसिंह ठाकोर, विक्रमासिंह अभेसिंह ठाकोर और महेश शिडगे को रिमांड पर लिया है। तीनों को 14 अक्टूबर को अहमदाबाद के सन स्काई पार्क वकील ब्रिज सोसायटी से गिरफ्तार किया गया था। बाद में इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाकर होटवार जेल भेजा गया।

मानव संसाधन प्रदाता के रूप में हुआ था चयन

सूत्रों के अनुसार, विजन हॉस्पिटलिटी कंपनी का चयन हजारीबाग, कोडरमा और चतरा जिलों में मानव संसाधन प्रदाता के रूप में किया गया था। कंपनी ने 27 अगस्त 2023 को अपने प्रतिनिधि नीरज कुमार के हस्ताक्षर से ₹5.35 करोड़ की बैंक गारंटी जमा कराई थी, जो बाद में फर्जी पाई गई। इसके बाद 28 दिसंबर 2023 को कंपनी के निदेशक महेश शिडगे ने एक नई बैंक गारंटी जमा कराई और कारण बताया कि यह आंतरिक बदलाव” के चलते किया गया।

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उत्पाद विभाग की लापरवाही से खुला घोटाला

एसीबी जांच में यह सामने आया कि 10 जनवरी 2024 को बैंक गारंटी की जांच के लिए पत्र भेजा गया था, लेकिन उत्पाद विभाग या जेएसबीसीएल (JSBCL) ने कोई सत्यापन नहीं कराया। यहीं से विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई।

बैंक जांच में सामने आई फर्जीवाड़े की पोल

9 जनवरी 2025 को कंपनी के खिलाफ विक्रय राशि न जमा करने पर बैंक गारंटी जब्त करने का आदेश जारी हुआ। कंपनी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहां कोर्ट ने गारंटी अवधि बढ़ाने का आदेश दिया। इसके बाद विभाग ने दो अधिकारियों को जांच के लिए बैंक भेजा, जहां बैंक ने स्पष्ट किया कि वह गारंटी बैंक की ओर से जारी नहीं की गई थी, और कागजात व हस्ताक्षर फर्जी थे।

एसीबी ने शुरू की सख्त कार्रवाई

8 अप्रैल 2025 को विभाग ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अब इसी मामले में तीनों निदेशक एसीबी की रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ जारी है।

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