शिबू सोरेन के जीवन के संघर्ष को वर्तमान और भविष्य की पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी : सुदिव्य कुमार

Samachar Post | August 22, 2025 | 07:25 PM IST
  • नगर विकास मंत्री ने प्रस्तावित रिम्स – 02 निर्माण को लेकर कहा, रोढ़े अटकाने वालों को जनता जवाब देगी
    रांची

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने शुक्रवार को सदन परिसर में कहा है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन के संघर्ष को वर्तमान और भविष्य की पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। सभी लोगों को यह मालूम होना चाहिए कि पांच साल पहले नेमरा से एक छोटे से गांव से निकल कर शिबू सोरेन ने कैसे एक जननायक की भूमिका निभाते हुए अलग झारखंड राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ी।  उनके संघर्ष की जीवनी को पठन-पाठन में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि लोग इसे पढ़ और जानकारी लें।

स्मृति स्थल के लिए बेहतर नाम सुझाएं, उसपर होगा विचार

मंत्री ने कहा कि स्वर्गीय शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए राज्य सरकार का राजधानी रांची में स्मृति स्थल बनाने का प्रस्ताव है। संघर्ष स्मृति स्थल या जो भी बेहतर नाम सुझाव जाएंगे, उस पर विचार होगा। जनता से नामों पर सुझाव मांगा जाएगा। प्रस्तावित स्मृति स्थल में गुरुजी के जीवंत स्मृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। राजधानी में बाहर से आने वाले लोग इस बात को महसूस कर पाएंगे कि शिबू सोरेन का झारखंड की जनता से क्या लगाव था।

भारत रत्न की मांग पर बोलें- यह जनता की  जनभावना है

शिबू सोरेन को भारत रत्न देने के उठे मांग पर उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता की यह जनभावना है, जिसकी अभिव्यक्ति झामुमो ने की है। विधानसभा झारखंड की जनता की प्रतिबिंब होती है। ऐसे में सदन से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजा जाना चाहिए। सुदिव्य कुमार ने कहा कि एसआईआर के मुद्दे पर भाजपा का चेहरा बिहार में बेनकाब हुआ है।

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अगर भाजपा झारखंड में भी एसआईआर कराना चाहती है, तो निश्चित रूप से उन्हें यह भी मुंह की खानी पड़ेगी। रांची में प्रस्तावित रिम्स-02 झारखंड की जनता के इलाज के लिए समर्पित संस्था है। अगर इसमें कोई भी राजनीतिक लाभ के लिए रोढ़ा अटकाते है, तो जनता उन्हें जवाब देगी।

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