झारखंड सरकार का सामान्य प्रशासन विभाग शिथिलता का शिकार : सरयू राय

Rupa Kumari | November 26, 2025 | 02:30 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने झारखंड सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विभाग की शिथिलता का सीधा असर मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक प्रशासनिक दक्षता पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा शिकार है।

रिक्त पदों का ढेर, अधिकारी मुख्यालय में निष्क्रिय

अपने बयान में सरयू राय ने कहा, विभिन्न जिलों और विभागों में बड़ी संख्या में अति आवश्यक चिन्हित पद रिक्त हैं। कई अधिकारी एक से अधिक विभागों का प्रभार संभाल रहे हैं। 80 से अधिक उप समाहर्ता स्तर के अधिकारी स्थानांतरण के बाद महीनों से मुख्यालय में बिना पदस्थापन बैठे हुए हैं। नव-प्रोन्नत IAS अधिकारियों के पदस्थापन की स्थिति भी ऐसी ही है।

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जमशेदपुर में सिविल एसडीओ और DDC पद लंबे समय से खाली

उन्होंने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय में, सिविल SDO धालभूम का पद कई महीनों से रिक्त है और प्रभार के सहारे चल रहा है। इससे जनहित के निर्णय लंबित हो रहे हैं और पुराने निर्णयों का क्रियान्वयन धीमा है। उप विकास आयुक्त (DDC) का पद भी 9 महीने से अधिक समय तक खाली रहा, जिसके कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए। सरयू राय के अनुसार, “जुगाड़ू व्यवस्था” के तहत किसी अन्य अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दे देना जिले की प्रशासनिक क्षमता और विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

प्रोन्नति रुकी, अधिकारी न्यायपालिका की ओर मजबूर

सरयू राय ने कहा कि, प्रशासन, पुलिस और अन्य राजपत्रित सेवाओं के अधिकारियों की प्रोन्नतियाँ लम्बे समय से लंबित हैं। इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य, कृषि आदि तकनीकी विभागों में भी यही स्थिति है। बिहार में समकक्ष अधिकारी प्रोन्नत होकर उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जबकि झारखंड के अधिकारी कनीय पदों पर ही सेवानिवृत्त होने को मजबूर हैं। कई अधिकारी GAD की उदासीनता से तंग आकर न्यायपालिका की शरण ले रहे हैं।

सीएम से हस्तक्षेप की मांग

सरयू राय ने मुख्यमंत्री से मांग की कि, जमशेदपुर में पूर्णकालिक सिविल SDO धालभूम की नियुक्ति तुरंत की जाए। मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे उप समाहर्ता स्तर के अधिकारियों को उनके निर्धारित पदों पर शीघ्र तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे प्रखंड स्तर तक सामान्य प्रशासन की गतिशीलता बढ़ेगी और कामचलाऊ व्यवस्था पर रोक लगेगी।

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