Samachar Post डेस्क,पटना : बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। राजधानी पटना के शास्त्रीनगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल का नया सुपरस्पेशियलिटी भवन आज से आम लोगों के लिए शुरू होने जा रहा है। ₹225 करोड़ की लागत से बने इस छह मंजिला अत्याधुनिक भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद यह देश के सबसे बड़े ऑर्थोपेडिक सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों में शामिल होगा।
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एक ही छत के नीचे मिलेंगी आधुनिक सुपरस्पेशियलिटी सेवाएं
नए अस्पताल भवन में मरीजों को ऑर्थोपेडिक्स, स्पाइन सर्जरी, ट्रॉमा केयर, स्पोर्ट्स इंजरी, न्यूरोसर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे गंभीर हड्डी और रीढ़ से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उद्घाटन के बाद अगले सप्ताह से ओपीडी सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। इससे बिहार के मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत काफी हद तक कम होगी।
400 बेड की आधुनिक सुविधा से लैस होगा अस्पताल
नए सुपरस्पेशियलिटी भवन में कुल 400 बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें 200 बेड ऑर्थोपेडिक्स विभाग, 100 बेड न्यूरोसर्जरी विभाग, 100 बेड स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर की व्यवस्था। इसके अलावा अस्पताल में 25 बेड का ICU, 30 बेड का हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU), प्री-ऑपरेटिव और पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड के साथ आधुनिक ट्रॉमा सेंटर भी बनाया गया है।
बिहार का पहला समर्पित स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर
इस नए भवन की सबसे बड़ी खासियत बिहार का पहला समर्पित स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर है। यहां खिलाड़ियों और खेल के दौरान चोटिल होने वाले लोगों का विशेष उपचार किया जाएगा। अस्पताल में छह मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं, जो लेमिनर एयर फ्लो तकनीक से लैस हैं। इससे संक्रमण का खतरा कम होगा और जटिल सर्जरी अधिक सुरक्षित तरीके से की जा सकेगी।

अत्याधुनिक जांच और उपचार की सुविधाएं
अस्पताल में मरीजों के लिए कई आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें एमआरआई (MRI), सीटी स्कैन (CT Scan), डिजिटल एक्स-रे, आधुनिक पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक, बोन कैंसर उपचार सुविधा, फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी, आधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर। इन सुविधाओं से मरीजों को राज्य में ही बेहतर और उन्नत चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।
300 अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, नए भवन को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए करीब 300 अतिरिक्त डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल कर्मियों की आवश्यकता होगी। फिलहाल अस्पताल में 70 डॉक्टर, 125 नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सेवाएं शुरू की जाएंगी। मानव संसाधन बढ़ने के बाद सभी 400 बेड पूरी तरह संचालित किए जाएंगे।

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