बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की मुख्य सड़कों को स्टेट हाईवे में अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू

Samachar Post रिपोर्टर, बिहार : जिले की कई प्रमुख सड़कों को स्टेट हाईवे में अपग्रेड किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पथ निर्माण विभाग ने राज्यभर की 100 से अधिक ऐसी मुख्य सड़कों की पहचान करने की तैयारी की है, जहां प्रतिदिन एक लाख से अधिक फुटफॉल है और जो सीधे स्टेट या नेशनल हाईवे से जुड़ी हुई हैं। इसके लिए सभी अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालक अभियंताओं से सड़कों की सूची मांगी गई है। विभाग का कहना है कि इन सड़कों को स्टेट हाईवे घोषित किए जाने पर इनके चौड़ीकरण, सुरक्षा मानकों के अनुपालन और निर्माण गुणवत्ता में सुधार का मार्ग खुलेगा। इससे ट्रैफिक सुगम होगा और मरम्मत व रखरखाव का कार्य भी समय पर हो सकेगा।

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शहर में अतिक्रमण बड़ी चुनौती

मुजफ्फरपुर शहर में सड़क सुधार की राह में अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। मोतीझील, अघोरिया बाजार, कल्याणी, स्टेशन रोड, क्लब रोड, जूरन छपरा और इमलीचट्टी इलाके में दुकानदारों और ठेला-फेरीवालों द्वारा फुटपाथ और सड़क के हिस्से पर कब्जा लगातार बढ़ रहा है। मोतीझील में पार्किंग स्थल पूरी तरह अतिक्रमित हो चुका है। पुल के नीचे लगी दुकानों के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनती है। कल्याणी, हरिसभा चौक, क्लब रोड, पानी टंकी चौक और मिठनपुरा रोड पर भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्टेशन रोड और सदर अस्पताल रोड पर अतिक्रमणकारियों के लिए पेवर ब्लॉक डाले जाने से दुकानें बसाना और आसान हो गया है। अघोरिया बाजार और टावर चौक में भी स्थिति गंभीर है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई जगहों पर अतिक्रमण आपसी मिलीभगत से पनप रहा है और ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती।

अपग्रेडेशन के बाद मिलेगी बड़ी राहत

अधिकारियों का मानना है कि सड़कों को स्टेट हाईवे का दर्जा मिलने और अतिक्रमण हटाए जाने से ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और आवागमन सुगम होगा। पथ निर्माण विभाग जल्द ही विस्तृत सर्वे और तकनीकी मूल्यांकन शुरू करेगा, जिसके बाद सड़क सुधार परियोजना का स्थायी मॉडल तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना को तेजी से लागू कर शहरवासियों को दीर्घकालिक राहत दी जा सके।

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