केजीबीवी पोटका में छात्राओं को वितरित किए गए जैव-अवक्रमणीय सैनिटरी नैपकिन, मासिक धर्म स्वच्छता पर दिया गया प्रशिक्षण

Rupa Kumari | May 20, 2026 | 01:35 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (एमटीएमसी) के आउटरीच विभाग की ओर से मासिक धर्म स्वच्छता और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 19 मई 2026 को केजीबीवी, पोटका में आयोजित हुआ, जिसमें छात्राओं को पुनः उपयोग योग्य और जैव-अवक्रमणीय सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए। यह पहल मणिपाल फाउंडेशन, बेंगलुरु के सहयोग से संचालित सीएसआर कार्यक्रम के तहत की गई। इस अभियान से केजीबीवी पोटका की कुल 525 छात्राएं लाभान्वित हुईं।

मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता पर जोर

कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल मासिक धर्म स्वच्छता उत्पाद उपलब्ध कराना और उनके सही उपयोग तथा सुरक्षित निपटान के तरीकों के बारे में जागरूक करना था। इस दौरान छात्राओं के लिए सहभागितापूर्ण प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें सैनिटरी उत्पादों के सही उपयोग, स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से निपटान की जानकारी दी गई। साथ ही मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर जागरूकता व्याख्यान भी आयोजित किए गए।

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कपास और केले के रेशों से बने हैं नैपकिन

कार्यक्रम में वितरित किए गए सैनिटरी नैपकिन कपास और केले के पेड़ के तने के रेशों से तैयार किए गए हैं। इन्हें सामान्य धुलाई और धूप में अच्छी तरह सुखाने के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन नैपकिनों की उपयोग अवधि लगभग तीन वर्ष तक होती है। इन्हें वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे डिस्पोजेबल सैनिटरी नैपकिन का पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ विकल्प माना जा रहा है।

सतत विकास और स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में पहल

एमटीएमसी का कहना है कि यह पहल किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करती है। साथ ही यह कार्यक्रम सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप पर्यावरण-अनुकूल मासिक धर्म उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। संस्थान के अनुसार, इस तरह की पहल से युवा बालिकाओं में जागरूकता, आत्मसम्मान और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलेगा। मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MAHE) और टाटा स्टील के संयुक्त उपक्रम के रूप में स्थापित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए कार्यरत है। संस्थान आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।

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