Samachar Post रिपोर्टर,रांची : मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में शनिवार को जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच (देवेंद्रनाथ महतो गुट) के 8 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल और सरकार की ओर से गठित प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता खत्म हो गई। हालांकि, बैठक में किसी भी मुद्दे पर ठोस सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्रों ने जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। बैठक में छात्रों ने JPSC और JSSC से जुड़े विभिन्न मामलों और अपनी प्रमुख मांगों को सरकार के प्रतिनिधियों के सामने रखा। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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दूर-दराज के छात्र ई-मेल के जरिए भेज सकेंगे शिकायत और सुझाव
वार्ता के दौरान सरकार की ओर से एक ई-मेल आईडी भी साझा की गई। दूर-दराज के ऐसे छात्र जो अपनी बात रखने के लिए रांची नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे अपनी शिकायत और सुझाव Jpsc.jssc.feedback@gmail.com पर भेज सकते हैं। सरकार की ओर से बताया गया कि इस माध्यम से छात्रों की समस्याओं और सुझावों को संकलित कर आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जा सकेगा।
सरकार की ओर से तीन मंत्री, छात्र प्रतिनिधिमंडल में 8 सदस्य
सरकार की ओर से वार्ता में मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू और संजय कुमार यादव शामिल हुए। वहीं, छात्र प्रतिनिधिमंडल में दीनबंधु मंडल, पूजा कुमारी, चंदन कुमार, बिमल कुमार, प्रेम कुमार, रविशंकर, अमित कुमार शर्मा और रामावतार महतो शामिल रहे। इससे पहले शुक्रवार को सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन कर रहे दूसरे गुट के छात्र प्रतिनिधियों से भी बातचीत की थी। हालांकि, उस वार्ता में भी किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन पाई थी। सरकार की ओर से बातचीत के विकल्प खुले रखने की बात कही गई है। वहीं, देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व वाले गुट के छात्रों के समर्थन में जेएलकेएम नेता देवेंद्रनाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

क्या हैं प्रदर्शनकारी छात्रों की पांच प्रमुख मांगें?
1. 14वीं JPSC परीक्षा की CBI-ED जांच
अभ्यर्थियों की मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केवल CID तक सीमित न रखी जाए। वे मामले की जांच CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल CID जांच पर भरोसा नहीं है।
2. फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन
छात्रों ने मामले की जल्द सुनवाई और निस्तारण के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि तय समय सीमा में सुनवाई पूरी कर अभ्यर्थियों को न्याय मिलना चाहिए।
3. TDPL से जुड़ी परीक्षाएं रद्द करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने TSR Data Processing Private Limited (TDPL) द्वारा आयोजित कराई गई सभी विवादित परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है।
4. TDPL को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
छात्रों की मांग है कि TDPL को काली सूची में डाला जाए और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी ऐसी एजेंसियों को दी जाए जिनकी कार्यप्रणाली पारदर्शी और विश्वसनीय हो।
5. दागी अधिकारियों पर कार्रवाई
अभ्यर्थी JPSC और JSSC के उन अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिन पर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसे अधिकारियों को पद से हटाकर उनकी जगह साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
ठोस समाधान नहीं निकलने तक जारी रहेगा आंदोलन
स्टेट गेस्ट हाउस में हुई वार्ता के बाद भी छात्रों और सरकार के बीच किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। छात्र प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का रास्ता अभी खुला हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच फिर से वार्ता होने की संभावना बनी हुई है।

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