झारखंड में फिर बदलेगा मौसम, 26 अगस्त तक भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट; जानें किन जिलों में होगी बारिश

Meenu | August 23, 2026 | 11:11 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के बीच राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। राजधानी रांची समेत कई इलाकों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 23 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में वज्रपात के साथ भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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24 अगस्त को इन पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 24 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग और लातेहार में भारी बारिश के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। राजधानी रांची में भी बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

लोहरदगा में सबसे अधिक बारिश

शनिवार को झारखंड में सबसे अधिक 5 मिलीमीटर बारिश लोहरदगा में दर्ज की गई। वहीं, रांची के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश हुई। राज्य में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 22 अगस्त तक झारखंड में सामान्य बारिश 730.5 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 638.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश की कमी के बावजूद झारखंड के कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी सिंहभूम: सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक, सिमडेगा 4 प्रतिशत अधिक, सरायकेला-खरसावां 5 प्रतिशत अधिक, रांची 3 प्रतिशत अधिक, खूंटी 5 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

25 और 26 अगस्त को भी खराब रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 25 और 26 अगस्त को भी झारखंड के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 22 से 26 अगस्त तक खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

वज्रपात के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

वज्रपात की स्थिति में लोगों को खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए। पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य ऊंची संरचनाओं के पास खड़े न रहें। आकाशीय बिजली के दौरान किसी सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

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