झारखंड में संगठित अपराध पर पुलिस का बड़ा एक्शन, गैंगस्टरों के खिलाफ बनेगी विशेष SIT

Rupa Kumari | July 24, 2026 | 11:20 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में बढ़ते संगठित अपराध, रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर बनने वाली यह टीम अपराधियों के नेटवर्क, फंडिंग और उनके सहयोगियों पर नजर रखेगी।

अनुभवी अधिकारियों को मिलेगी जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार, SIT में डीएसपी, इंस्पेक्टर और दारोगा स्तर के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। टीम का उद्देश्य केवल आपराधिक मामलों की जांच तक सीमित नहीं होगा, बल्कि संगठित अपराध से जुड़े पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना भी होगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अपराधियों के आर्थिक स्रोतों और सहयोगियों पर कार्रवाई किए बिना संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है।

रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं पर रहेगा फोकस

हाल के महीनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों से व्यापारियों, ठेकेदारों और कोयला कारोबारियों से रंगदारी मांगने की कई शिकायतें सामने आई हैं। कई मामलों में रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग, धमकी और हिंसक घटनाओं की भी सूचना मिली है। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने संगठित अपराध के खिलाफ समन्वित अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जांच एजेंसियां ऐसे गिरोहों और उनके नेटवर्क की गतिविधियों पर विशेष नजर रखेंगी।

कई जिलों में एक साथ चलेगा अभियान

नई SIT राज्य के विभिन्न संवेदनशील जिलों में स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करेगी। रांची, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर और हजारीबाग समेत कई जिलों में अपराधियों की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। पुलिस आधुनिक तकनीक, खुफिया सूचनाओं और डिजिटल निगरानी तंत्र का उपयोग कर गिरोहों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर नजर रखेगी।

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सहयोगियों पर भी होगी कार्रवाई

पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि केवल अपराधी ही नहीं, बल्कि उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद पहुंचाने वाले लोगों को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका आपराधिक गिरोहों को सहयोग देने में सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। SIT के गठन को राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का लक्ष्य रंगदारी, फायरिंग और आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आम लोगों और व्यवसायियों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है।

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