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DC के निरीक्षण के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज के डेंटल OT में टपक रहा शौचालय का पानी

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Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग : हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डेंटल विभाग से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां डेंटल ऑपरेशन थिएटर (OT) के ऊपर बने शौचालय की पाइपलाइन से गंदा पानी इलाज वाले कमरे में टपक रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले करीब 20 दिनों से रिसाव की समस्या बनी हुई है। स्थिति यह है कि पानी रोकने के लिए डॉक्टरों को कमरे में बाल्टियां रखनी पड़ रही हैं। लगातार रिसाव और बदबू के कारण डेंटल विभाग में कई जरूरी प्रक्रियाएं प्रभावित होने की बात सामने आई है।

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OT के ऊपर शौचालय, नीचे इलाज वाले कमरे में रिसाव

डेंटल विभाग के ऑपरेशन थिएटर के ठीक ऊपर शौचालय बना हुआ है। आरोप है कि शौचालय की पाइपलाइन में खराबी के कारण दूषित पानी नीचे स्थित इलाज वाले कमरे में गिर रहा है। कमरे में पानी रोकने के लिए तीन बाल्टियां तक रखी गई हैं। ऐसे में जहां मरीजों का इलाज होना चाहिए, वहां डॉक्टरों और कर्मचारियों को पानी के रिसाव से जूझना पड़ रहा है। लगातार गंदा पानी टपकने से कमरे में बदबू फैल रही है। चिकित्सकों के अनुसार, ऐसे वातावरण में डेंटल उपचार करना संक्रमण के लिहाज से भी चिंता का विषय हो सकता है। इसी वजह से पिछले करीब 20 दिनों से दांतों की सफाई, दांत निकालने समेत कई डेंटल प्रक्रियाएं प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

इलाज के लिए पहुंचे मरीज लौट रहे वापस

व्यवस्था खराब होने का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले कई मरीजों को फिलहाल उपचार संभव नहीं होने की जानकारी देकर लौटाया जा रहा है। मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। इससे सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।

DC के निरीक्षण में भी सामने आई थी समस्या

कुछ दिन पहले उपायुक्त हेमंत सती, उप विकास आयुक्त रिया सिंह समेत कई अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण किया था। बताया गया कि निरीक्षण के दौरान डेंटल विभाग के चिकित्सकों ने अधिकारियों को गंदे पानी के रिसाव की समस्या की जानकारी दी थी। इसके बाद शौचालय को अस्थायी रूप से बंद कराया गया।

दो दिन बाद फिर खुला शौचालय, दोबारा शुरू हुआ रिसाव

शौचालय बंद कराने की व्यवस्था हालांकि स्थायी नहीं रही। करीब दो दिन बाद शौचालय फिर खोल दिया गया और इसके साथ ही पानी का रिसाव भी दोबारा शुरू हो गया। इससे सवाल उठ रहा है कि समस्या की स्थायी मरम्मत अब तक क्यों नहीं कराई गई। अस्पताल में शौचालय जैसी जरूरी सुविधा को लंबे समय तक बंद रखना व्यावहारिक समाधान नहीं है। लेकिन शौचालय का दूषित पानी सीधे मरीजों के इलाज वाले कमरे में पहुंचना उससे भी गंभीर समस्या है। ऐसे में पाइपलाइन और संबंधित संरचना की तकनीकी जांच कराकर स्थायी मरम्मत कराना जरूरी है, ताकि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

20 दिन से समस्या, अब स्थायी समाधान का इंतजार

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों के बीच डेंटल विभाग की यह स्थिति व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है। अधिकारियों के निरीक्षण और समस्या की जानकारी दिए जाने के बावजूद यदि करीब 20 दिनों से रिसाव जारी है, तो अब सवाल यही है कि मरीजों को सुरक्षित इलाज की सुविधा कब मिलेगी और गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा?

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Meenu

Reporter  |  Samachar Post

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