हजारीबाग में सांप के डसने से छह वर्षीय बच्चे की मौत, अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने का आरोप

Meenu | August 16, 2026 | 11:41 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग : हजारीबाग के केरेडारी थाना क्षेत्र में जहरीले सांप के डसने से छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना 15 अगस्त की देर रात पेटो पंचायत के चट्टी पेटो गांव की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को समय पर इलाज और एंटी-वेनम नहीं मिल सका, जिसके बाद उसे हजारीबाग सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान राजन कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रात करीब 12 बजे सोने के दौरान जहरीले सांप ने उसे डस लिया।

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केरेडारी CHC में डॉक्टर नहीं मिलने का आरोप

सांप के डसने के बाद परिजन बच्चे को तत्काल केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर, नर्स या कंपाउंडर मौजूद नहीं थे और केवल एक गार्ड ड्यूटी पर था। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में प्राथमिक उपचार और एंटी-वेनम उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे को आगे के इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल ले जाना पड़ा। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकीय व्यवस्था और एंटी-वेनम की उपलब्धता को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

हजारीबाग सदर अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित

परिजन बच्चे को लेकर हजारीबाग सदर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर प्राथमिक उपचार और एंटी-वेनम की पहली खुराक मिल जाती, तो बच्चे की जान बच सकती थी। हालांकि, इस दावे की भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बच्चे की मौत की खबर के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा शव को केरेडारी अस्पताल परिसर में रखकर विरोध किए जाने की सूचना है। ग्रामीणों ने रात के समय अस्पताल में चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद केरेडारी क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सांप काटने जैसी आपात स्थिति में समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही रात के समय अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पर्याप्त एंटी-वेनम दवा रखने की मांग भी की गई है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी लापरवाही की स्थिति

फिलहाल बच्चे की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। अस्पताल में उस समय चिकित्सकीय स्टाफ और एंटी-वेनम की उपलब्धता की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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