Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव के छात्रों के ऐलान को लेकर BJP ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। विधानसभा में BJP नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी छात्रों के आंदोलन को नैतिक समर्थन देती है, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए।
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छात्रों की मांगों को नजरअंदाज न करे सरकार
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर विधानसभा में मीडिया से बातचीत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने JPSC और JSSC अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को अनदेखा करना उचित नहीं है। सरकार को हठधर्मिता छोड़कर आंदोलन कर रहे छात्रों की बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर हो कार्रवाई
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी व्यक्ति ने पैसे देकर नौकरी हासिल की है, तो नियमों के अनुसार उसकी सेवा समाप्त की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो अभ्यर्थी वास्तविक मेरिट के आधार पर चयनित हुए हैं, उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया है। इसी को लेकर BJP ने आंदोलन को नैतिक समर्थन देने की बात कही है। बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह जिद छोड़कर छात्रों और युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुने।
BJP ने सरकार से मांगा समाधान
BJP नेता ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों को राजनीतिक टकराव का विषय बनाने के बजाय सरकार को संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए। छात्रों की शिकायतों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई से ही पूरे मामले में भरोसा बहाल किया जा सकता है।

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