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टेंडर कमीशन घोटाला : करीब 2 साल बाद जेल से बाहर आएंगे आलमगीर आलम, रिलीज ऑर्डर जारी

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Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड के चर्चित टेंडर कमीशन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरुवार को ईडी की विशेष अदालत ने उनका रिलीज ऑर्डर जारी कर दिया। इसके साथ ही करीब दो साल बाद उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा प्रशासन ने रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पीएमएलए कोर्ट में पूरी हुई जमानत की प्रक्रिया

जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत में जमानत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की गईं। आलमगीर आलम की ओर से अदालत में 1-1 लाख रुपये के दो निजी मुचलके जमा किए गए। इसके बाद अदालत ने नियमित जमानत मंजूर करते हुए रिलीज ऑर्डर जारी कर दिया। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी और विधायक निसात आलम बेलर बनी हैं। अदालत का आदेश बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया है, जहां जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें रिहा किया जाएगा।

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15 मई 2024 को ईडी ने किया था गिरफ्तार

ईडी ने आलमगीर आलम को 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था। मामला ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कथित टेंडर कमीशन और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़ा है। गिरफ्तारी से पहले 6 मई 2024 को ईडी ने कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान आलमगीर आलम के तत्कालीन ओएसडी संजीव लाल, उनके सहयोगियों, ठेकेदारों और कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों के ठिकानों की तलाशी ली गई थी। छापेमारी के दौरान मिली भारी नकदी ने पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया था।

छापेमारी में मिली थी करोड़ों की नकदी

ईडी के मुताबिक, संजीव लाल के घरेलू सहायक जहांगीर आलम के ठिकाने से 32 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद बरामद किए गए थे। इसके अलावा ठेकेदार मुन्ना सिंह के यहां से करीब 2.93 करोड़ रुपये और कांट्रेक्टर राजीव सिंह के ठिकाने से 2.14 करोड़ रुपये बरामद होने की बात सामने आई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में टेंडर पास कराने के बदले कमीशन वसूला जाता था और यह रकम अलग-अलग स्तरों से होकर ऊपर तक पहुंचती थी।

जांच और सुनवाई अभी जारी

हालांकि अदालत से जमानत मिलने का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं माना जाएगा। ईडी की जांच और कोर्ट में मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी। अब आलमगीर आलम की रिहाई के बाद झारखंड की राजनीति में इस मामले को लेकर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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Rupa Kumari

Reporter | Samachar Postमैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।See Profile

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