चार लेबर कोड्स मेहनतकशों के साथ बड़ा धोखा : फागू बेसरा

Rupa Kumari | November 22, 2025 | 03:21 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, धनबाद : झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता और झारखंड कोलियरी मज़दूर यूनियन के महासचिव फागू बेसरा ने केंद्र सरकार द्वारा चार लेबर कोड्स लागू करने की घोषणा का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय “राष्ट्र के मेहनतकश मजदूरों के साथ बड़ा धोखा” है और पूरी तरह “श्रमिक-विरोधी तथा पूंजीपतियों के हित में” है। फागू बेसरा के अनुसार, लेबर कोड्स की अधिसूचना न केवल मनमानी है बल्कि लोकतांत्रिक भावना का भी उल्लंघन करती है। उन्होंने याद दिलाया कि जब 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को खत्म करके इन कोड्स को पारित किया गया था, तब भी JMM और अन्य संगठनों ने इसका विरोध किया था।

2020 से जारी है विरोध

उन्होंने बताया कि सितंबर 2020 में औद्योगिक संबंध कोड, सामाजिक सुरक्षा कोड और व्यवसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियाँ कोड पारित किए गए थे। उसी समय से ट्रेड यूनियनों और श्रमिक संगठनों ने विरोध और आंदोलन शुरू कर दिए थे। 9 जुलाई 2025 की देशव्यापी हड़ताल में 25 करोड़ से अधिक मजदूरों की भागीदारी को उन्होंने श्रमिकों के भारी आक्रोश का प्रमाण बताया। इसके बावजूद, फागू के अनुसार, केंद्र सरकार बिहार चुनाव में मिली जीत के बाद “मदमस्त होकर” चारों लेबर कोड्स लागू करने की स्थिति में पहुंच गई।

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सरकार से बार-बार उठाई गई मांगें

फागू बेसरा ने कहा कि संयुक्त मंच लगातार भारतीय श्रम सम्मेलन बुलाने और लेबर कोड्स वापस लेने की मांग करता रहा है। यह मांग 13 नवंबर को श्रम मंत्रालय द्वारा आयोजित श्रम शक्ति नीति 2025 बैठक और 20 नवंबर को वित्त मंत्रालय की प्री-बजट परामर्श बैठक में भी दोहराई गई। फिर भी, सरकार ने सभी अपील, विरोध और हड़तालों को नज़रअंदाज़ कर कोड्स को लागू कर दिया है।

26 नवंबर को होगा प्रतिरोध

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के संयुक्त मंच की ओर से 26 नवंबर 2025 को “संयुक्त, जुझारू प्रतिरोध और अवज्ञा की कार्रवाई” का आह्वान किया गया है। फागू बेसरा ने कहा कि इस आंदोलन में झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन और राज्य के मजदूर बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

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