बैंकॉक में उन्नत एंडोस्कोपी तकनीक पर रांची के डॉ जयंत घोष ने साझा किया अपना अनुभव, मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना

Meenu | August 23, 2026 | 10:13 AM IST
  • भारत, फिलीपींस और थाईलैंड के 24 गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने लिया प्रशिक्षण; पित्त की पथरी निकालने की नई तकनीक पर डॉ. घोष ने दिया प्रेजेंटेशन

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जयंत कुमार घोष ने थाईलैंड के बैंकॉक स्थित क्लांग अस्पताल में आयोजित तीन देशों के अंतरराष्ट्रीय उन्नत एंडोस्कोपी प्रशिक्षण कार्यक्रम आईईसी-2 में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया। 21 और 22 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम में भारत, फिलीपींस और थाईलैंड के कुल 24 गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में तीनों देशों से चिकित्सकों ने हिस्सा लेकर उन्नत एंडोस्कोपी की तकनीकों का प्रशिक्षण लिया।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने चिकित्सकों को ईयूएस, ईएसडी और ईएमआर सहित उन्नत एंडोस्कोपिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। प्रतिभागी चिकित्सकों ने अपने-अपने संस्थानों में किए गए जटिल उपचारों और नई तकनीकों के अनुभव भी साझा किए। भारत की ओर से डॉ. जयंत कुमार घोष के साथ नई दिल्ली के डॉ. पीयूष गुप्ता, बेंगलुरु के डॉ. विजय, कानपुर के डॉ. अनुराग सचान, विशाखापत्तनम के डॉ. गौतम, पुणे के डॉ. साहिल रासने और चेन्नई के डॉ. तरुण जॉर्ज ने कार्यक्रम में भाग लिया।

पित्त की पथरी निकालने की नई तकनीक पर डॉ. घोष ने किया प्रस्तुतीकरण

डॉ. जयंत कुमार घोष ने कार्यक्रम में कोलैंगियोस्कोपी प्लस ईएचएल के माध्यम से पित्त की नली में फंसी पथरी निकालने की नई तकनीक पर अपना अनुभव प्रस्तुत किया। यह प्रक्रिया उन्होंने हाल ही में रांची स्थित ऑर्किड हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में की थी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके इस कार्य की सराहना की गई। डॉ जयंत घोष ने बताया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी जानकारी और अनुभव का लाभ झारखंड सहित पूर्वी भारत के मरीजों को मिलेगा।

ऑर्किड हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी रांची में भी जल्द इन उन्नत एंडोस्कोपिक तकनीकों को शुरू करने की तैयारी है। इससे पित्त की नली की जटिल पथरी सहित अन्य मामलों के उपचार में मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी। कार्यक्रम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मुंबई के डॉ. अमित मायदेव थे। भारत की ओर से डॉ. अमित मायदेव और हैदराबाद के डॉ. नवीन पोलावरापु ने भी विशेषज्ञ मार्गदर्शक के रूप में भूमिका निभाई।

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