गिरिडीह में साइबर थाना का आरक्षी निकला ठगी का मास्टरमाइंड, 8 लोगों से ₹39 लाख की धोखाधड़ी, गिरफ्तार

Meenu | July 25, 2026 | 12:37 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर अपराध पर रोक लगाने की जिम्मेदारी निभाने वाला पुलिसकर्मी ही करोड़ों की नहीं, बल्कि ₹39 लाख से अधिक की ठगी का आरोपी निकला। जामताड़ा साइबर थाना में पदस्थापित आरक्षी गौतम कुमार को बेंगाबाद थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

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जब्त वाहनों को सस्ते में दिलाने का दिया झांसा

मामला बेंगाबाद थाना क्षेत्र के चपुआडीह गांव का है। पीड़ित महाराज यादव ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि जामताड़ा साइबर थाना में तैनात आरक्षी गौतम कुमार ने अपने पद का प्रभाव दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि थाना में जब्त वाहनों की जल्द नीलामी होने वाली है। आरोपी ने दावा किया कि वह बेहद कम कीमत पर निविदा (टेंडर) के माध्यम से वाहन दिला सकता है। इसी भरोसे में महाराज यादव ने खुद के साथ अपने परिचितों से भी पैसे जुटाकर आरोपी को दे दिए।

आठ लोगों से वसूले ₹39 लाख से अधिक

आरोप है कि आरक्षी गौतम कुमार ने आठ लोगों से अलग-अलग किस्तों में ₹39 लाख से अधिक की राशि वसूल ली। लंबे समय तक वाहन नहीं मिलने पर पीड़ितों ने उससे संपर्क किया, लेकिन वह लगातार बहाने बनाता रहा। बाद में उसने फोन उठाना बंद कर दिया और कई पीड़ितों के नंबर भी ब्लॉक कर दिए। इसके बाद लोगों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

देवघर से आरोपी आरक्षी गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद बेंगाबाद थाना पुलिस ने अनुसंधानकर्ता विजय कुमार मंडल के नेतृत्व में जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस ने देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र के गाड़िया गांव में छापेमारी कर आरोपी आरक्षी गौतम कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अन्य पीड़ितों और सहयोगियों की भी जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है या नहीं। साथ ही ठगी की रकम के लेन-देन और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जिस पुलिसकर्मी पर साइबर अपराधों को रोकने की जिम्मेदारी थी, उसी पर लाखों रुपये की ठगी का आरोप लगा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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