ओझा-गुनी के संदेह में नृशंस हत्या; गांववालों ने पहले जीभ काटी, फिर शव को फूंका

Rupa Kumari | September 11, 2025 | 12:39 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : चतरा टंडवा थाना क्षेत्र के खूंटी टोला गांव में अंधविश्वास और पुरानी रंजिश के शक में हुई सामूहिक पिटाई और हत्या के कटु दृश्य मिलने से इलाके में खौफ फैल गया है। पुलिस के मुताबिक 45 वर्षीय धर्मदेव उरांव को आरोपियों ने पहले जिंदा जीभ काट दी, फिर लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी और उसके बाद शव को आग के हवाले कर दिया गया। घटना से सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

घटना से पहले पंचायत हुई थी, ग्रामीणों ने दिया मिलकर अंजाम देने का आरोप

स्थानीय लोगों के बयान के मुताबिक यह वारदात किसी व्यक्तिगत झगड़े का नतीजा नहीं दिखती, घटना से पहले गांव में एक पंचायत भी हुई थी और उसके बाद कुछ दबंगों ने मिलकर यह क्रूर कृत्य अंजाम दिया। पुलिस को शुरुआती पूछताछ और ग्रामीणों की बातों से संकेत मिले हैं कि यह हमला सामूहिक था।

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पुरानी रंजिश और बदले की आशंका

डीएसपी प्रभात रंजन बरवार ने बताया कि कुछ महीने पहले मृतक के परिवार के एक सदस्य की संदिग्ध मृत्यु हुई थी। उस घटना के बाद गांव के एक वर्ग ने धर्मदेव को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस को आशंका है कि उसी पुरानी रंजिश और बदले की भावना के चलते यह हिंसा की गई।

परिजन लापता, पुलिस को बंधक बनाने या भागने का शक

घटना के बाद धर्मदेव की पत्नी और तीनों बेटे ग़ायब हैं। पुलिस का कहना है कि या तो उन्हें किसी ने बंधक बना लिया है या भय के कारण पूरा परिवार गांव छोड़ कर भाग गया है। कथित आरोपियों के घरों पर ताले लगे मिले हैं और वे भी फरार बताये जा रहे हैं। अधिकांश ग्रामीण घटना पर चुप्पी साधे हुए हैं।

साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, फॉरेंसिक हस्तक्षेप तय

पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम तेज कर दिया है। डीएसपी ने कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो फॉरेंसिक टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाये जायेंगे ताकि घटना के पीछे वजहें, अंधविश्वास, पूर्व विवाद या कोई और प्रेरक साफ़ हो सकें।

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