बिहार में 10 हजार रिक्त पदों पर भड़के लाइब्रेरियन अभ्यर्थी, कारगिल चौक पर सड़क पर लेटकर प्रदर्शन

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : बिहार में लाइब्रेरियन बहाली प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। ‘ऑल बिहार ट्रेंड लाइब्रेरियन एसोसिएशन’ के बैनर तले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने राजधानी पटना में आक्रोश मार्च निकाला।

सेंट्रल लाइब्रेरी से करगिल चौक तक मार्च

प्रदर्शन की शुरुआत पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी से हुई। वहां से अभ्यर्थी नारेबाजी करते हुए करगिल चौक पहुंचे। करगिल चौक पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया। कुछ देर बाद कई अभ्यर्थी तकिया लगाकर सड़क पर ही लेट गए और शंखनाद करते हुए शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का आरोप है कि नियमावली जारी होने के बावजूद अब तक परीक्षा तिथि घोषित नहीं की गई है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।

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पुलिस की बैरिकेडिंग, वार्ता जारी

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने करगिल चौक पर बैरिकेडिंग कर दी। अतिरिक्त पुलिस बल और वाटर कैनन भी तैनात किए गए। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन हालात नियंत्रण में रहे। पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत भी हुई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द परीक्षा तिथि घोषित नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पटना जिला अध्यक्ष हर्षित राज ने इसे युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए पारदर्शी और नियमित नियुक्ति प्रक्रिया की मांग दोहराई।

10 हजार पद खाली, प्रभावित हो रही व्यवस्था

राज्य में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन के करीब 10 हजार पद रिक्त हैं। इन पदों के खाली रहने से पुस्तकालय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई संस्थानों में अन्य विभागों के कर्मचारी ही लाइब्रेरी का काम संभाल रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अंततः प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क खाली करा दी, लेकिन अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा तिथि घोषित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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