महागठबंधन से अलग हुआ JMM, बिहार की 6 सीटों पर अकेले लड़ेगा चुनाव

Rupa Kumari | October 18, 2025 | 05:40 PM IST

Samachar Post डेस्क, रांची : बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने महागठबंधन से अलग होने का फैसला किया है और अब पार्टी बिहार में 6 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। ये सीटें हैं चकाई, धमदाहा, कटोरिया, पिरपैंती, मनीहारी और जमुई। सूत्रों के मुताबिक, झामुमो जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा करेगा। सभी छह सीटें दूसरे चरण के अंतर्गत आती हैं, इसलिए पार्टी ने पहले चरण के नामांकन की समयसीमा खत्म होने के बाद यह निर्णय लिया है।

सीट शेयरिंग पर नहीं बनी बात

शुरुआत में झामुमो ने महागठबंधन से 16 सीटों की मांग की थी, बाद में इसे घटाकर 12 सीटों पर अड़ गया। इसको लेकर झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पांडेय और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने हाल ही में पटना जाकर तेजस्वी यादव, झारखंड प्रभारी जय प्रकाश नारायण यादव और भोला यादव सहित कई नेताओं से मुलाकात की थी। लंबी बातचीत के बावजूद सीट शेयरिंग पर कोई सहमति नहीं बनी और झामुमो नेतृत्व खाली हाथ लौट आया।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बाबूलाल मरांडी का पत्र, साहेबगंज में अवैध पत्थर खनन पर कार्रवाई की मांग

15 अक्तूबर तक की डेडलाइन, फिर अकेले चुनाव का ऐलान

इसके बाद झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने चेतावनी दी थी कि अगर 15 अक्तूबर तक 12 सीटों पर सहमति नहीं हुई, तो पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। तय समय बीतने और दो दिन इंतजार के बाद, झामुमो ने 18 अक्तूबर को छह सीटों पर अकेले उतरने का निर्णय लिया।

राजनीतिक असर और समीकरणों में बदलाव

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झामुमो का यह कदम महागठबंधन के लिए झटका साबित हो सकता है। जिन छह सीटों पर पार्टी लड़ रही है, वहां झामुमो का पारंपरिक प्रभाव माना जाता है। ऐसे में इन इलाकों में महागठबंधन के उम्मीदवारों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, झामुमो के साथ हुई “अनदेखी” का असर आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति और झामुमो-राजद-कांग्रेस संबंधों पर भी दिखाई दे सकता है। हालांकि फिलहाल यह माना जा रहा है कि राजद का समर्थन वापस लेने से झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

Share this news

संबंधित खबरें