Samachar Post डेस्क, रांची : चर्चित अग्रवाल बंधु हत्याकांड में सजायाफ्ता लोकेश चौधरी को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। जमानत की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उसके अधिवक्ता ने याचिका वापस लेने का अनुरोध किया, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए उसे खारिज कर दिया। मामले की सुनवाई जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान लोकेश चौधरी की ओर से पेश अधिवक्ता ने जमानत याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इस फैसले के बाद लोकेश चौधरी को जमानत के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
2023 में मिली थी आजीवन कारावास की सजा
रांची सिविल कोर्ट ने 30 जून 2023 को लोकेश चौधरी को अग्रवाल बंधुओं की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के बाद से वह जेल में बंद है। निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए लोकेश चौधरी ने झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने भी उसे राहत देने से इनकार करते हुए उसकी अपील याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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क्या है अग्रवाल बंधु हत्याकांड?
मामले के अनुसार, लोकेश चौधरी पर अपने बॉडीगार्ड के साथ मिलकर हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। जांच और सुनवाई के बाद अदालत ने उसे दोषी करार दिया था। यह मामला झारखंड के चर्चित आपराधिक मामलों में से एक माना जाता है, जिसकी सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर लंबे समय से लोगों की नजर बनी हुई है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

