ACB के वकील ने हत्या की साजिश की आशंका जताई, बोले- कार में होता तो शायद जिंदा नहीं बचता

Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड हाईकोर्ट में एसीबी के विशेष लोक अभियोजक विनीत कुमार वशिष्ठ की कार को तेज रफ्तार वाहन द्वारा टक्कर मारने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अधिवक्ता ने इसे सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए घटना के पीछे सुनियोजित साजिश और हत्या के प्रयास की आशंका जताई है। विनीत कुमार वशिष्ठ ने कहा कि वे लंबे समय से एसीबी के चर्चित मामलों के अलावा नक्सल और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे हैं। ऐसे में यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है और इसकी गहन जांच जरूरी है।

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रेकी किए जाने का भी जताया संदेह

विशेष लोक अभियोजक के अनुसार जिस स्थान पर उनकी कार खड़ी थी, वहां उनका नियमित आना-जाना रहता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों से कुछ संदिग्ध गतिविधियां उनकी नजर में आई थीं। उन्हें आशंका है कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।

“अगर कार में होता तो शायद बच नहीं पाता”

वशिष्ठ ने बताया कि टक्कर मारने वाला वाहन काफी तेज गति से आया और उनकी खड़ी कार को जोरदार टक्कर मार दी। उनका कहना है कि यदि उस समय वे कार के अंदर मौजूद होते तो गंभीर हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि जिस तरह वाहन ने खड़ी कार को निशाना बनाया, उससे यह सामान्य दुर्घटना नहीं लगती।

पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग

घटना के बाद उन्होंने जगन्नाथपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच, वाहन चालक की पहचान और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद राजधानी में कानून-व्यवस्था, संवेदनशील मामलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सड़कों पर बेलगाम रफ्तार से दौड़ रहे वाहनों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि मामला महज एक सड़क दुर्घटना है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है।

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