Samachar Post डेस्क, रांची :रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक आज से मुंबई में शुरू हो गई है। यह बैठक 3 से 5 दिसंबर तक चलेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार सुबह 10 बजे पॉलिसी के नतीजों की घोषणा करेंगे। इस दौरान ब्याज दरों, आर्थिक वृद्धि और महंगाई की स्थिति पर बड़े फैसले होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें :अरवल पुलिस बर्बरता मामला: कोर्ट का बड़ा एक्शन, DSP समेत 5 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
GDP मजबूत, महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर नीचे
देश की अर्थव्यवस्था इस समय तेज रफ्तार से बढ़ रही है। जुलाई–सितंबर (FY26 Q2) में भारत की GDP ग्रोथ 8.2% रही। जो बाजार की उम्मीद से बेहतर है। खुदरा महंगाई (CPI) भी अक्टूबर 2025 में 0.25% तक गिर गई। यह CPI का रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर माना जा रहा है। मजबूत GDP और कम महंगाई का यह संयोजन ब्याज दरों पर मिश्रित प्रभाव डाल सकता है।
रेपो रेट में बदलाव की उम्मीद कम
बैंक ऑफ बड़ौदा की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस बार MPC रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगी। वर्तमान रेपो रेट 5.50% है। अनुमान है दरें स्थिर रहेंगी और RBI का रुख (स्टांस) न्यूट्रल रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट से महंगाई तेजी से नीचे आई है। आने वाले महीनों में भी महंगाई कम रहने का अनुमान है, लेकिन GDP की तेज ग्रोथ को देखते हुए RBI सावधानी से कदम उठा सकता है।
एक्सपर्ट की राय
CARE Ratings के MD एवं CEO मेहुल पंड्या का कहना है कि तेज ग्रोथ और बहुत कम महंगाई दोनों ही इंडिकेटर विपरीत संकेत देते हैं। मजबूत GDP ग्रोथ आमतौर पर ब्याज दरों में कटौती की अनुमति नहीं देती। वहीं अत्यंत कम महंगाई दर घटाने का अवसर देती है। उनके अनुसार, RBI को ग्रोथ और महंगाई के बीच संतुलन साधते हुए फैसला लेना होगा।
Reporter | Samachar Post