Samachar Post रिपोर्टर, पटना : बिहार में पेशेवर और आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस को ऐसे अपराधियों की जिला और थानावार सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। साथ ही, जरूरत के अनुसार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत कार्रवाई करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराध नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा, पुलिस को सक्रिय रहने का निर्देश
शुक्रवार, 9 अक्टूबर को पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में कानून-व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। उन्होंने आदतन अपराधियों और समाज में अशांति फैलाने वाले तत्वों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। साथ ही, आपराधिक मामलों की जांच तेजी से पूरी करने और अभियोजन पक्ष को मजबूत बनाने को कहा, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिल सके।
संवेदनशील इलाकों और साइबर अपराध पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां नियमित पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया। साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए जिलों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।सोशल मीडिया से जुड़े संवेदनशील मामलों में जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दो घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है।
नशे के अवैध कारोबार और अवैध संपत्ति पर सख्ती
बैठक में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। अवैध तरीके से संपत्ति या आर्थिक लाभ अर्जित करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर अशांति फैलाने वाले तत्वों और अश्लील या द्विअर्थी गीतों से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका वाले मामलों में भी नियमों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर भी होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं को स्वच्छ और कदाचार मुक्त बनाने पर जोर देते हुए गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके साथ ही महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार समेत मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इन निर्देशों के बाद अब राज्य में पेशेवर अपराधियों की पहचान, निगरानी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर पुलिस की अगली रणनीति पर नजर रहेगी।























