Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के मांडर में पूर्व आर्मी जवान बिरसा उरांव का निर्माणाधीन मकान तोड़े जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरसा गांव निवासी बिहार लकड़ा और मेसाल गांव निवासी विशवा उरांव के रूप में हुई है। वहीं, मामले में नामजद मुख्य आरोपी सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा और राजी पड़हा जतरा संचालन समिति के अध्यक्ष जयराम उरांव अब भी फरार हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद मकान निर्माण कराने का दावा
पीड़ित परिवार के अनुसार, 13 सितंबर को हाईकोर्ट के आदेश के बाद बिरसा उरांव अपनी रैयती जमीन पर मकान का निर्माण करा रहे थे। यह जमीन करीब 74 डिसमिल बताई गई है। परिजनों का दावा है कि खलारी थाना, मांडर थाना और मांडर के अंचल अधिकारी (सीओ) की देखरेख में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान मुरमा जतरा से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित निर्माण स्थल पर राजी पड़हा जतरा समिति से जुड़े सैकड़ों लोग पहुंचे और निर्माणाधीन मकान को ध्वस्त कर दिया।
मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मकान तोड़ने के दौरान बिरसा उरांव और उनके परिजनों के साथ मारपीट की गई। परिवार का यह भी कहना है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। परिजनों ने सवाल उठाया कि प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में निर्माण होने के बावजूद मकान कैसे तोड़ दिया गया। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, बंधन तिग्गा, जयराम उरांव और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने नहीं आया है।


















