Samachar Post रिपोर्टर, रांची : होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में रविवार को जेल अदालत सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) एस.बी. शर्मा शामिल हुए। जेल अदालत में लंबित मामलों के निष्पादन के लिए जेल में बंद 15 बंदियों के आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 4 बंदियों को जेल अदालत का लाभ मिला।
बंदियों को दी गई कानूनी अधिकारों की जानकारी
जेल अदालत सह-विधिक जागरूकता शिविर के दौरान बंदियों को नालसा और झालसा की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और कानूनी सहायता से जुड़ी जानकारी दी गई। इस दौरान बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की भूमिका और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। शिविर के दौरान बंदियों के लिए चिकित्सीय जांच की भी व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने नियमित स्वास्थ्य जांच की जरूरत पर जोर दिया, ताकि किसी गंभीर बीमारी का समय पर पता लगाकर उचित इलाज कराया जा सके।
जेल की रसोई का निरीक्षण, भोजन की गुणवत्ता जांची
जेल अदालत के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अध्यक्षता में न्यायिक दंडाधिकारियों ने जेल की रसोई का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच स्वयं भोजन चखकर की। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए। सीजेएम ने रसोई में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा। डालसा सचिव राकेश रौशन ने भी बंदियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच होने से गंभीर बीमारियों का शुरुआती स्तर पर पता लगाया जा सकता है और समय पर इलाज संभव हो सकता है। कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एस.बी. शर्मा, डालसा सचिव राकेश रौशन, न्यायिक दंडाधिकारी मयंक मलियाज, प्रशांत कुमार वर्मा, अमित गुप्ता, प्रशांत गुप्ता और सार्थक शर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर, जेलर लवकुश कुमार, बड़ा बाबू मो. सद्दाम हुसैन, सत्येंद्र कुमार, एलएडीसीएस के सदस्य, एलएलबी के छात्र, जेलकर्मी और बंदी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


















