Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : पिण्ड्राजोरा थाना क्षेत्र स्थित मिर्धा राजकीय अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता और पढ़ाई की व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। विद्यालय में करीब 250 छात्र अध्ययनरत हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में भोजन और दूध नहीं दिया जाता। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय में भेदभाव और पढ़ाई-लिखाई में लापरवाही का भी आरोप लगाया है। छात्रों के मुताबिक, करीब चार पैकेट दूध में बड़ी मात्रा में पानी मिलाकर 250 बच्चों को दिया जाता है। उनका आरोप है कि भोजन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलता। छात्रों ने सब्जी में अधिक पानी मिलाकर परोसने और अलग-अलग तरह का खाना तैयार किए जाने की शिकायत की है।
भोजन की गुणवत्ता और मात्रा को लेकर छात्रों की शिकायत
छात्रों का कहना है कि विद्यालय में भोजन तैयार करने की व्यवस्था को लेकर भी कई समस्याएं हैं। उनके अनुसार, रसोइया कथित तौर पर मनमाने तरीके से भोजन तैयार करता है। छात्रों ने भोजन की मात्रा और गुणवत्ता में सुधार की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी छात्रों को समान और पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा है। इसके अलावा दूध और सब्जी तैयार करने के तरीके को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।
छात्रों ने पिण्ड्राजोरा थाने में दी शिकायत
अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर आवासीय विद्यालय के छात्र पिण्ड्राजोरा थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। छात्रों का कहना है कि इससे पहले भी विभागीय स्तर पर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उनके अनुसार स्थिति में स्थायी बदलाव नहीं हुआ। छात्रों ने विद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था को लेकर भी असंतोष जताया है। उनका कहना है कि शिक्षा और अन्य सुविधाओं पर भी पर्याप्त ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप
JLKM प्रवक्ता डॉ. जयदेव महतो ने कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे और उनके परिजन कथित अव्यवस्था को लेकर परेशान हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और उनके परिजनों ने फोन कर व्यवस्था में बदलाव के लिए सहयोग मांगा था। डॉ. महतो के मुताबिक, विद्यालय पहुंचने पर छात्रों ने अपनी समस्याएं बताईं और अभद्र भाषा के इस्तेमाल की भी शिकायत की। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
छात्रों की शिकायत के बाद जांच की जरूरत
छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल छात्रों ने भोजन, पढ़ाई और व्यवहार से जुड़ी समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। मामले में विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





















