Samachar Post रिपोर्टर, रांची : बंगाल की खाड़ी, गंगा के पश्चिमी बंगाल और उत्तरी तटीय ओडिशा के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के असर से झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। इसके चलते राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को रांची में सुबह से बादल छाए रहे और कई इलाकों में गर्जन के साथ रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को रांची में करीब 13 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि बोकारो में 80 मिमी बारिश हुई। वहीं पिछले 24 घंटे में लातेहार के महुआडांड़ में सबसे अधिक 171 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम केंद्र के मुताबिक मंगलवार यानी 1 सितंबर को भी रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
1 सितंबर को चार जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 1 सितंबर के लिए रांची, खूंटी, चतरा और सरायकेला-खरसावां में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है। 2 सितंबर को सात जिलों में अलर्ट 2 सितंबर को निम्न दबाव क्षेत्र का प्रभाव मुख्य रूप से झारखंड के पश्चिमी हिस्सों में रहने की संभावना है। इस दिन गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भी गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।

इसके बाद धीरे-धीरे कम होगी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 2 सितंबर के बाद निम्न दबाव प्रणाली का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है। इसके साथ ही राज्य में बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मौसम सामान्य होने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिसके कारण झारखंड के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है। मौसम के आंकड़ों के अनुसार रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं कुछ जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। बोकारो में सामान्य से 52 प्रतिशत कम, देवघर और कोडरमा में 41 प्रतिशत, गढ़वा में 39 प्रतिशत, चतरा में 37 प्रतिशत और गिरिडीह में 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
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नमी की लगातार आपूर्ति से सक्रिय हुआ मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मानसूनी सिस्टम और चक्रवाती परिसंचरण के कारण झारखंड में लगातार नमी पहुंच रही है। इसी वजह से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। फिलहाल 1 और 2 सितंबर को मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, खासकर येलो अलर्ट वाले जिलों में।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

