Samachar Post रिपोर्टर,पलामू : लगातार हो रही बारिश ने पलामू जिले के ग्रामीण इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घासीदाग पंचायत की जानकीनगर और हथगड़वा बस्तियां धूरिया नदी और पहाड़ी नालों का जलस्तर बढ़ने के बाद लगभग टापू में तब्दील हो गई हैं। दोनों बस्तियों में करीब 100 घर हैं। नदी में तेज बहाव के कारण ग्रामीणों का आसपास के इलाकों और मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित हो गया है।
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धूरिया नदी का जलस्तर 10 से 15 फीट, पार करना जोखिम भरा
लगातार बारिश के कारण धूरिया नदी का जलस्तर करीब 10 से 15 फीट तक पहुंच गया है। तेज धार के कारण नदी पार करना बेहद खतरनाक हो गया है। नदी पर अब तक पुल का निर्माण नहीं होने से सामान्य दिनों में भी ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। बरसात में स्थिति और गंभीर हो जाती है। राशन और दवाइयां लाने से लेकर बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने तक के लिए ग्रामीणों को नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव के कारण कई बार लोगों को अपनी जान जोखिम में डालने से पीछे हटना पड़ता है।
तेज बुखार से पीड़ित युवक को अस्पताल नहीं ले जा सके
बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। जानकीनगर निवासी अखिलेश राम का बेटा राकेश कुमार पिछले तीन दिनों से तेज बुखार से पीड़ित है। बुधवार को उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे डोली-खटोली के सहारे कंधे पर लेकर पांडू अस्पताल के लिए निकले। परिजन किसी तरह नदी तक पहुंचे, लेकिन धूरिया नदी में पानी की गहराई और तेज बहाव देखकर आगे जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। खतरे को देखते हुए उन्हें मरीज को लेकर वापस लौटना पड़ा। अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण परिवार गांव में ही उसका इलाज कराने को मजबूर है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में धूरिया नदी पार करना हर साल जोखिम भरा हो जाता है। नदी पर पुल नहीं होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी आपात स्थिति में होती है। किसी मरीज की हालत गंभीर होने पर समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।

वर्षों से पुल की मांग, अब तक नहीं बनी बात
धूरिया नदी पर पुल निर्माण की मांग ग्रामीण लंबे समय से करते आ रहे हैं। जिला परिषद सदस्य विजय रविदास ने इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ग्रामीणों की समस्या का अब तक समाधान नहीं हुआ है। वहीं विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने बताया कि धूरिया नदी पर पुल निर्माण के लिए डीएमएफटी फंड पर्याप्त नहीं है। इसके लिए विभागीय फंड की व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में समय लग सकता है और ग्रामीणों की परेशानी दूर करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
सात किलोमीटर दूर है बाजार, बारिश में रास्ता भी बंद
ग्रामीणों के मुताबिक, रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने के लिए उन्हें करीब 7 किलोमीटर दूर कजस्कला बाजार जाना पड़ता है। सामान्य दिनों में वे कच्चे रास्ते से किसी तरह बाजार पहुंच जाते हैं। लेकिन लगातार बारिश के कारण पहाड़ी नालों और धूरिया नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता भी बाधित हो गया है। ऐसे में करीब 100 घरों की आबादी के सामने राशन, दवा और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से धूरिया नदी पर जल्द स्थायी पुल बनाने की मांग की है।

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