Samachar Post रिपोर्टर, रांची : केंद्र सरकार के MMDR बिल को लेकर राजधानी रांची में विरोध के स्वर तेज होते दिख रहे हैं। शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर बिल के विरोध में पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए MMDR कानून को रद्द करने की मांग की गई है। पोस्टरों में झारखंड के जल, जंगल और जमीन पर राज्यवासियों के अधिकार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। इनमें केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए झारखंड के हितों और प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य के अधिकार की रक्षा की मांग की गई है।
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पोस्टरों में केंद्र सरकार के खिलाफ नारे
रांची में लगाए गए पोस्टरों में केंद्र सरकार को झारखंड विरोधी बताते हुए MMDR कानून को रद्द करने की मांग की गई है। पोस्टरों पर “MMDR काला कानून रद्द करो” और “झारखंडियों का अधिकार छीनना बंद करो” जैसे संदेश लिखे गए हैं। इन पोस्टरों के जरिए केंद्र की नीतियों के खिलाफ लोगों का ध्यान आकर्षित करने और झारखंड के अधिकारों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की कोशिश की गई है। पोस्टरों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत झारखंड के कई नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। MMDR बिल को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के साथ ही राज्य के खनिज संसाधनों और प्राकृतिक संपदा पर झारखंड के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
MMDR बिल को लेकर बढ़ सकती है राजनीतिक बहस
राजधानी के सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए जाने के बाद MMDR बिल को लेकर झारखंड में राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। पोस्टर के माध्यम से केंद्र सरकार से बिल वापस लेने की मांग उठाई गई है। विरोध करने वालों की ओर से झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर राज्य के हितों की रक्षा को लेकर आवाज उठाई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन बढ़ने की संभावना है।

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