JPSC-JSSC मामले पर सांसद बीडी राम ने की CBI जांच की मांग, कहा- इससे बहाल होगा अभ्यर्थियों का भरोसा

Rupa Kumari | August 22, 2026 | 03:12 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, पलामू : झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विवादित भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराना ही अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने का सबसे उचित रास्ता है। सांसद ने कहा कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT), JPSC 11वीं-13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, JSSC-CGL समेत वर्ष 2019 से अब तक आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थी लगातार सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उठाए गए संदेह और आरोपों को दूर करे।

निर्दोष अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए

विष्णु दयाल राम ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, जो अभ्यर्थी पूरी तरह निर्दोष हैं, उनके भविष्य के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि JSSC-CGL और अन्य नियुक्तियों को रद्द करने की सरकार की घोषणा के बावजूद CBI जांच से दूरी समझ से परे है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है तो स्वतंत्र जांच कराने में उसे आपत्ति क्यों है।

छात्रों पर कथित कार्रवाई की भी निंदा

सांसद ने शुक्रवार शाम छात्रों द्वारा किए गए पुतला दहन के दौरान कथित मारपीट की घटना की भी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ JMM कार्यकर्ताओं और पुलिस की ओर से बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि छात्र अपराधी नहीं हैं, बल्कि अपने अधिकार, भविष्य और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों के खिलाफ हिंसा या दमन लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील

विष्णु दयाल राम ने कहा कि राज्य कैबिनेट की ओर से नियुक्तियां रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद सरकार को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। साथ ही ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे दोषी बच न सकें और पारदर्शी तरीके से नियुक्त हुए अभ्यर्थियों के साथ भी अन्याय न हो।

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वर्ष 2019 से अब तक की विवादित परीक्षाओं की जांच की मांग

सांसद ने राज्य सरकार से मांग की कि वर्ष 2019 से अब तक JPSC और JSSC की सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराई जाए। उन्होंने विशेष रूप से 14वीं JPSC PT, JPSC 11वीं-13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और JSSC-CGL से जुड़े आरोपों की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, निष्पक्ष तरीके से चयनित और नियुक्त अभ्यर्थियों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जानी चाहिए। सांसद ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था बनाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और सरकार को स्वतंत्र जांच के जरिए पूरे मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।

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