Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC से हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय के इस आदेश से 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से नियुक्त अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को न्यायमूर्ति दीपक रौशन की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में मेहनत से चयनित अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
JPSC और फूड सेफ्टी अधिकारियों को राहत
राज्य सरकार ने हाल ही में JPSC की 11वीं, 12वीं और 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से हुई नियुक्तियों को रद्द करने का निर्णय लिया था। इसके साथ ही फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती से जुड़ी नियुक्तियां भी प्रभावित हुई थीं। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद इन दोनों श्रेणियों के नियुक्त अधिकारियों को फिलहाल राहत मिल गई है। अदालत ने सरकार के आदेश के अमल पर रोक लगा दी है, जिससे प्रभावित अधिकारियों की सेवा पर तत्काल संकट टल गया है। JSSC-CGL परीक्षा और उससे संबंधित मामलों पर गुरुवार को कोई सुनवाई नहीं हुई। यह मामला फिलहाल अलग प्रक्रिया में है और इस पर अदालत ने कोई आदेश पारित नहीं किया।
यह भी पढ़ें : JSSC-CGL समेत 22 परीक्षाएं रद्द करने के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन जारी

15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की गई है। उस दिन अदालत सरकार और याचिकाकर्ताओं के पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स और पी.ए.एस. पति ने पक्ष रखा। हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा के माध्यम से नियुक्त अधिकारियों के बीच राहत की भावना है, जबकि मामले के अंतिम निपटारे पर अब सभी की नजरें 15 सितंबर की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

