Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JSSC-CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठे हैं और सरकार से नियुक्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए प्रोजेक्ट भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। धरने पर अभ्यर्थी ‘न्याय दो या फांसी दो’, ‘कोचिंग माफिया हाय-हाय’ और ‘वी वॉन्ट जस्टिस’ जैसे नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शन में JSSC-CGL के साथ फूड सेफ्टी ऑफिसर समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं।
2010 से अब तक की 22 परीक्षाएं रद्द
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच राज्य सरकार ने वर्ष 2010 से अब तक आयोजित कुल 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। सरकार ने 17 परीक्षाओं की जांच CBI से कराने का निर्णय लिया है, जबकि 6 परीक्षाओं को मौजूदा CID जांच पूरी होने तक स्थगित किया गया है। इस फैसले के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास कर नियुक्ति हासिल की है। यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन पूरी परीक्षा या नियुक्ति रद्द करने से ईमानदारी से चयनित अभ्यर्थियों को नुकसान हो रहा है।
बिना पक्ष सुने रद्द की गई नियुक्ति
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने उनकी बात सुने बिना नियुक्तियां रद्द करने का फैसला लिया। उनका कहना है कि उन्हें सरकार के फैसले के खिलाफ अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पूरी भर्ती प्रक्रिया में सफल रहे अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी मानना उचित नहीं है।

शाम को मोरहाबादी से निकलेगी तिरंगा यात्रा
JSSC-CGL के चयनित अभ्यर्थियों ने गुरुवार शाम करीब 5 बजे तिरंगा यात्रा निकालने का कार्यक्रम तय किया है। यह यात्रा मोरहाबादी मैदान से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक जाएगी। इससे पहले अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन से बिरसा चौक तक फ्लैश मार्च भी निकाला था। अब तिरंगा यात्रा के जरिए अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सरकार और आम लोगों का ध्यान आकर्षित करने की तैयारी में हैं।
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14वीं JPSC जांच के बाद बढ़ा विवाद
14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के बाद गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच CID को सौंपी। जांच के दौरान पोड़ैयाहाट के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, अभय कुमार तिवारी पहले TDPL कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर काम कर चुके हैं। इसी कंपनी को 14वीं JPSC समेत कई भर्ती परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी मिली थी। जांच में TDPL के निदेशक रामवीर सिंह और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते की भूमिका को लेकर भी आरोप सामने आए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान JSSC-CGL में भी कथित अनियमितता की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
26 दिन चला था JPSC-JSSC आंदोलन
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन करीब 26 दिनों तक चला था। अब परीक्षाएं रद्द होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन अलग दिशा में आगे बढ़ रहा है और वे अपनी नियुक्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

