Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, दक्षिणी और पश्चिमी झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है।
17 और 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 15 अगस्त से सक्रिय हुआ मानसून 21 अगस्त तक प्रभावी रह सकता है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खास तौर पर 17 और 18 अगस्त को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इन दो दिनों में झारखंड के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी झारखंड के कुछ हिस्सों में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है। 19 अगस्त से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। 20 और 21 अगस्त को भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बादल छाए रहने के आसार हैं।
वज्रपात के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की हवा का अलर्ट
बारिश के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। वज्रपात के समय सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
रांची समेत इन जिलों में सुहावना रहेगा मौसम
लगातार बारिश और बादलों के कारण रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जैसे इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत कम रह सकता है। इससे मौसम सुहावना बने रहने की संभावना है। हालांकि, बीच-बीच में तेज बारिश, बिजली चमकने और वज्रपात की घटनाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। राज्य में बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ी मौसमी परिस्थितियां बारिश की गतिविधियों को सक्रिय बनाए हुए हैं।
झारखंड में अब तक सामान्य से 17% कम बारिश
मानसून के सक्रिय रहने के बावजूद झारखंड में इस सीजन में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से अब तक राज्य में 547.1 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा का आंकड़ा 658.9 मिमी है। इस तरह राज्य में अब तक बारिश सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम रही है। 24 जिलों में से 16 जिले बारिश की कमी की श्रेणी में हैं। वहीं 7 जिलों में सामान्य और एक जिले में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

पश्चिमी सिंहभूम में सबसे ज्यादा बारिश, पाकुड़ सबसे पीछे
बारिश के मामले में पश्चिमी सिंहभूम राज्य का सबसे बेहतर प्रदर्शन वाला जिला रहा है। यहां अब तक 872.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 651.4 मिमी के मुकाबले 34 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा सरायकेला-खरसावां में 6 प्रतिशत, सिमडेगा में 4 प्रतिशत और खूंटी में 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। रांची में 668.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 1 प्रतिशत कम है। वहीं बारिश की सबसे ज्यादा कमी वाले जिलों में पाकुड़ 55 प्रतिशत, गढ़वा 54 प्रतिशत और चतरा 53 प्रतिशत की कमी के साथ शामिल हैं।
अन्य जिलों में बारिश की कमी इस प्रकार दर्ज की गई है
| जिला | बारिश की कमी |
|---|---|
| देवघर | 49% |
| कोडरमा | 47% |
| गिरिडीह | 42% |
| पलामू | 35% |
| हजारीबाग | 34% |
| बोकारो | 33% |
| गुमला | 27% |
| जामताड़ा | 27% |
| रामगढ़ | 27% |
| दुमका | 20% |
| धनबाद | 19% |
| साहिबगंज | 16% |
| लातेहार | 13% |
| लोहरदगा | 9% |
| पूर्वी सिंहभूम | 7% |
अगले कुछ दिनों तक संभलकर रहें
झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश और वज्रपात का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर 17 और 18 अगस्त को मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

Reporter | Samachar Post

