Samachar Post रिपोर्टर, रांची : सहारा इंडिया से जुड़े मामलों में अपनी जमा राशि वापस मिलने और न्याय की मांग को लेकर रांची में पीड़ितों का विरोध तेज हो गया है। रविवार को विश्व भारती जनसेवा संस्थान की ओर से खटाल स्थित धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया गया। सत्याग्रह में शामिल लोगों का कहना है कि सहारा इंडिया में पैसा जमा करने वाले बड़ी संख्या में लोग लंबे समय से अपनी राशि की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई पीड़ित न्याय और अपनी जमा पूंजी वापस मिलने की उम्मीद में वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।
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लंबे इंतजार से परेशान पीड़ितों ने शुरू किया आंदोलन
सत्याग्रह कर रहे लोगों के मुताबिक, उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई इस भरोसे के साथ जमा की थी कि जरूरत पड़ने पर रकम वापस मिल जाएगी। लेकिन लंबे समय बाद भी कई लोगों को अपनी जमा राशि के लिए परेशान होना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि आर्थिक परेशानी के कारण कई परिवारों पर गंभीर असर पड़ा है। उनका कहना है कि कुछ पीड़ितों की मृत्यु भी हो चुकी है, लेकिन उनके परिवार अब भी अपनी जमा राशि वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
सरकारों से आश्वासन मिलने का लगाया आरोप
सत्याग्रहियों ने आरोप लगाया कि पीड़ितों को लंबे समय से केंद्र और राज्य सरकार से कार्रवाई की उम्मीद रही है, लेकिन उनके अनुसार अब तक अपेक्षित स्तर पर ठोस समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन से पीड़ितों की समस्या का समाधान नहीं होगा। उनकी मांग है कि जमा राशि की वापसी की प्रक्रिया को तेज किया जाए और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो।

कार्रवाई नहीं होने पर उठाए सवाल
सत्याग्रह कर रहे लोगों ने सहारा इंडिया से जुड़े मामलों में कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही पीड़ितों की जमा राशि वापस कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
न्याय मिलने तक जारी रहेगा सत्याग्रह
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका सत्याग्रह अनिश्चितकालीन है। जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। सत्याग्रहियों ने जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करने तथा भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि वे अपनी जमा राशि की वापसी और न्याय के लिए आखिरी दम तक संघर्ष जारी रखेंगे।

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