विश्व आदिवासी दिवस पर लोहरदगा में सजेगा ADI-FEST, 20 थीम जोन में दिखेगी आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक

Meenu | August 9, 2026 | 12:35 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,लोहरदगा : विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर लोहरदगा में 9 और 10 अगस्त 2026 को दो दिवसीय ADI-FEST (आदिवासी महोत्सव) का आयोजन किया जा रहा है। नया नगर भवन के सामने स्थित मैदान में सुबह 11 बजे से शुरू होने वाले इस महोत्सव में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, कला, खान-पान, जीवनशैली, हस्तशिल्प, लोक संगीत और लोकनृत्य को बेहद खास अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। ADI-FEST की खासियत यह होगी कि यहां आदिवासी संस्कृति को सिर्फ प्रदर्शित नहीं किया जाएगा, बल्कि Live Experiential Heritage Zones के जरिए लोग इसे करीब से देख, समझ, सीख और अनुभव कर सकेंगे।

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20 थीम आधारित जोन में दिखेगी आदिवासी विरासत

महोत्सव परिसर में कुल 20 थीम आधारित अनुभव क्षेत्र तैयार किए गए हैं। इन जोन में आदिवासी समाज के पारंपरिक जीवन और संस्कृति के अलग-अलग पहलुओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। पारंपरिक घर, कृषि उपकरण, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और मांदर, नगाड़ा, ढोल व बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र यहां आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके अलावा विभिन्न जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण और श्रृंगार को प्रदर्शित करने के लिए Live Tribal Fashion Walk भी आयोजित किया जाएगा।

Live Cooking में चख सकेंगे पारंपरिक व्यंजन

ADI-FEST में आदिवासी समाज के पारंपरिक खान-पान को भी खास जगह दी गई है। Live Cooking के जरिए स्थानीय पारंपरिक व्यंजन मौके पर ही तैयार किए जाएंगे। आगंतुक न केवल व्यंजन तैयार होते देख सकेंगे, बल्कि उनके स्वाद का भी अनुभव कर सकेंगे। इसके साथ ही स्थानीय खाद्य संस्कृति और पारंपरिक खान-पान से जुड़ी जानकारी भी लोगों को दी जाएगी।

लोहा, बांस और खजूर के शिल्प का लाइव प्रदर्शन

महोत्सव में स्थानीय कारीगर अपनी पारंपरिक कला का लाइव प्रदर्शन करेंगे। इनमें लोहा हस्तशिल्प, बांस शिल्प और खजूर से बनने वाले उत्पाद प्रमुख हैं। पारंपरिक गोदना कला और कान छेदन की परंपरा को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आगंतुकों को केवल तैयार उत्पाद देखने के बजाय पारंपरिक शिल्प और कला निर्माण की प्रक्रिया को करीब से समझने का मौका मिलेगा।

Body Painting और Pottery Making भी रहेगा आकर्षण

महोत्सव में Live Body & Face Painting के जरिए आदिवासी पारंपरिक आकृतियों और डिजाइनों को प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं कुम्हार Live Pottery Making के माध्यम से चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाते नजर आएंगे। खास बात यह है कि आगंतुक भी इस गतिविधि में खुद हाथ आजमा सकेंगे। इसके अलावा सोहराय और खोवर चित्रकला पर आधारित लाइव पेंटिंग वर्कशॉप भी आयोजित की जाएगी, जिसमें लोग झारखंड की पारंपरिक लोक कला को करीब से समझ सकेंगे।

कृषि और बीज संरक्षण की परंपरा भी दिखेगी

ADI-FEST में आदिवासी समाज की कृषि परंपरा और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली को भी प्रदर्शित किया जाएगा। पारंपरिक कृषि पद्धतियों, बीज संरक्षण, जंगल और प्रकृति आधारित जीवन, औषधीय पौधों और वन संरक्षण की पारंपरिक समझ से लोगों को परिचित कराया जाएगा। वहीं Heritage Haat में स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प, वस्त्र, आभूषण और पारंपरिक खाद्य सामग्री की प्रदर्शनी और बिक्री की जाएगी।

बच्चों के लिए खास होगा Tribal Experience Corner

बच्चों को आदिवासी संस्कृति और विरासत से जोड़ने के लिए Tribal Experience Corner तैयार किया गया है। यहां बच्चे मिट्टी के खिलौने बनाना, लोक कला में रंग भरना और बांस से शिल्प तैयार करने जैसी गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। इसके अलावा Tribal Heritage Photo Booth में पारंपरिक घर, वेशभूषा और लोक कला की पृष्ठभूमि के साथ तस्वीरें लेने का भी मौका मिलेगा।

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