Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार के लिए 21 सूत्रीय सुझावों वाला ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि इन सुझावों को लागू किया जाता है तो भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और युवाओं का भरोसा भी मजबूत होगा।
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भर्ती प्रक्रिया में सुधार पर दिया जोर
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बंधु तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुन रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार सुधार संबंधी सुझावों पर सकारात्मक विचार करेगी, जिससे भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठने वाले विवादों को कम किया जा सके। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से भी सरकार के साथ सार्थक बातचीत करने की अपील करते हुए कहा कि संवाद के माध्यम से समाधान निकालना सभी पक्षों के हित में होगा।

“कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है”
बंधु तिर्की ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के हितों के साथ खड़ी है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इस पूरे मामले को संवेदनशीलता से देख रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य युवाओं की चिंताओं का समाधान निकालना और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। बंधु तिर्की ने आरोप लगाया कि JPSC आंदोलन के जरिए झारखंड की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की कई सकारात्मक उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त महत्व नहीं मिलता, जबकि इस मुद्दे को अधिक प्रमुखता से दिखाया जा रहा है।
बाबूलाल मरांडी पर भी साधा निशाना
पूर्व शिक्षा मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर भी राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि वे इस पूरे घटनाक्रम से जिस राजनीतिक लाभ की उम्मीद कर रहे हैं, वह पूरी नहीं होगी।

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