14वीं JPSC विवाद: PT में ₹5 लाख, मेंस में ₹25 लाख, इंटरव्यू में ₹10 लाख, बाबूलाल मरांडी ने लगाए गंभीर आरोप

Meenu | July 26, 2026 | 03:18 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों से कथित तौर पर PT के लिए ₹5 लाख, मुख्य परीक्षा के लिए ₹25 लाख और इंटरव्यू के लिए ₹10 लाख तक वसूले जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुल ₹40 लाख देने पर अधिकारी बनाया जाता है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के लगाए आरोप

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले में दर्ज प्राथमिकी कमजोर है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि शिकायतकर्ता कौन है और FIR की प्रति सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रभावी ढंग से होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें CID जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि CID जांच से सच्चाई सामने आने के बजाय सबूत प्रभावित हो सकते हैं। मरांडी ने CID के अपर महानिदेशक मनोज कौशिक और JSSC से जुड़े कुछ अधिकारियों पर भी सवाल उठाए तथा जांच की निष्पक्षता पर चिंता जताई।

पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते पर FIR की मांग

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केवल तत्कालीन JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें जांच के दायरे में लाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि OMR शीट और परीक्षा एजेंसी TDPL से जुड़े मामलों में भी कथित गड़बड़ियां हुई हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

“युवाओं के भविष्य से हो रहा खिलवाड़”

मरांडी ने कहा कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं से झारखंड के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी तो प्रशासनिक व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ेगा। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

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