कांग्रेस का दावा: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष और राहुल गांधी के दबाव की जीत

Meenu | July 25, 2026 | 04:14 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों, युवाओं और उनके परिवारों के लंबे संघर्ष की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आए पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और शिक्षा व्यवस्था में कथित अव्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस द्वारा चलाए गए आंदोलन और विपक्ष के दबाव के बाद यह फैसला सामने आया।

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कांग्रेस ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार

राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही मांग करती रही कि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। उनके अनुसार, बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, लेकिन केंद्र सरकार लंबे समय तक जवाबदेही तय करने से बचती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो छात्रों को सड़कों पर उतरकर आंदोलन नहीं करना पड़ता।

शिक्षा नीति पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भाजपा सरकार की शिक्षा नीति की विफलता और जवाबदेही से बचने की राजनीति का संकेत है। उन्होंने मांग की कि केवल मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही पेपर लीक के मास्टरमाइंड, शिक्षा माफिया और उनके कथित राजनीतिक संरक्षणकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।

युवाओं के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का दावा

राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा ने युवाओं को रोजगार के सपने दिखाए, लेकिन उन्हें बेरोजगारी, पेपर लीक और अनिश्चित भविष्य का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी और केंद्र सरकार को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

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