रांची में 55 करोड़ रुपये के भुगतान पर सियासत तेज, BJP ने न्यायिक जांच की मांग उठाई

Meenu | July 12, 2026 | 05:05 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड में कथित 55 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार के कौशल विकास विभाग पर ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को भुगतान करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।

यह भी पढ़ें : बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव, 7 दिनों में सभी जिला अस्पतालों में शुरू होगी ICU और 24×7 इमरजेंसी सेवा

ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को भुगतान का आरोप

रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में BJP के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने आरोप लगाया कि फर्जी बैंक गारंटी मामले में पहले तीन और बाद में छह कंपनियों के नाम सामने आए थे। उनके अनुसार, इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय उन्हें कथित तौर पर भुगतान की अनुमति दी गई। अजय शाह ने दावा किया कि तत्कालीन श्रम आयुक्त शैलेन्द्र लाल ने 8 अगस्त 2024 को पत्र जारी कर इन कंपनियों को भुगतान करने का निर्देश दिया था। BJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह संभवतः देश का पहला मामला है, जिसमें ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को सरकारी भुगतान की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सके।

तत्कालीन अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

BJP ने मांग की कि जिस तरह फर्जी बैंक गारंटी मामले में विनय चौबे के खिलाफ कार्रवाई की गई, उसी तरह कौशल विकास विभाग के तत्कालीन सचिव के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने मामले में कथित भूमिका को लेकर शैलेन्द्र लाल, विश्वरूप ठाकुर, राजन श्रीवास्तव और राजीव रंजन की भी जांच कराने की मांग की है।

न्यायिक जांच की उठी मांग

BJP ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जांच के बाद यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की जिम्मेदारी तय होती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

Share this news

संबंधित खबरें