बिहार में जमीन रजिस्ट्री का नया सिस्टम लागू, 15 जुलाई से पेपरलेस होगी पूरी प्रक्रिया

Rupa Kumari | July 11, 2026 | 02:28 PM IST

Samachar Post डेस्क, पटना : बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। राज्य सरकार 15 जुलाई 2026 से सभी निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने जा रही है। नई प्रणाली के तहत जमीन खरीद-बिक्री से संबंधित अधिकांश कार्य ऑनलाइन माध्यम से पूरे किए जाएंगे, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि नई डिजिटल व्यवस्था से लोगों को कागजी औपचारिकताओं और कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने को लेकर सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने योग्य आवेदकों को जल्द से जल्द सर्विस प्रोवाइडर का लाइसेंस जारी करने का निर्देश दिया है, ताकि नई व्यवस्था का संचालन बिना किसी बाधा के शुरू हो सके। नई प्रणाली में वर्तमान में कार्यरत दस्तावेज नवीस (कातिब), प्रशिक्षु दस्तावेज नवीस, स्टांप वेंडर और रजिस्ट्री कार्य से जुड़े अधिवक्ताओं को सर्विस प्रोवाइडर के रूप में कार्य करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए बिहार स्टांप नियमावली 2026 के तहत कुछ निर्धारित योग्यताओं में विशेष छूट का भी प्रावधान किया गया है।

ऑनलाइन होगी रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया

नई व्यवस्था में सर्विस प्रोवाइडर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। वे आईआरएस (IRS) पोर्टल पर जमीन खरीदने और बेचने वाले पक्षों की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इसके अलावा निम्नलिखित प्रक्रियाएं भी डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएंगी दस्तावेजों की ई-फाइलिंग, ई-साइन (डिजिटल हस्ताक्षर), बायोमेट्रिक सत्यापन, संपत्ति का सरकारी मूल्यांकन, स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क का निर्धारण, ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, ई-स्टांप कोड जारी करना इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध होगी।

लोगों को मिलेगी कागजी प्रक्रिया से राहत

पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन रजिस्ट्री से जुड़ी अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पूरी होंगी। इससे दस्तावेजों के प्रबंधन में आसानी होगी और लोगों का समय भी बचेगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

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15 जुलाई से बदलेगा रजिस्ट्री का तरीका

बांका के जिला अवर निबंधक हेमंत कुमार के अनुसार, 15 जुलाई से राज्यभर में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पेपरलेस हो जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिहार देश के उन राज्यों में शामिल हो जाएगा, जहां भूमि निबंधन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

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