Samachar Post रिपोर्टर,धनबाद :धनबाद के एलआईजी-35 हाउसिंग कॉलोनी निवासी और एमपीएमई एनर्जी लिमिटेड, जसीडीह में हेड जीएम के पद पर कार्यरत 42 वर्षीय आलोक कुमार वर्मा पिछले पांच दिनों से लापता हैं। उनकी काले रंग की हुंडई वेन्यू (JH15AA-7670) चतरा जिले के लवालौंग थाना क्षेत्र में जोगियाडीह और लिलाजन पुल के बीच लावारिस हालत में मिलने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
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1 जुलाई को निकले थे, फिर नहीं मिला कोई सुराग
जानकारी के अनुसार, आलोक कुमार वर्मा 22 जून को चतरा जिले के लवालौंग प्रखंड अंतर्गत कटिया पंचायत के रखेद गांव स्थित अपने ससुराल पहुंचे थे। 1 जुलाई को उन्होंने घर से लमटा मोड़ जाने की बात कहकर निकले, लेकिन इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका। आलोक के साले अमन कुमार प्रधान ने लवालौंग थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि जब वह रखेद गांव लौट रहे थे, तब घर से करीब एक किलोमीटर दूर आलोक की कार सड़क किनारे खड़ी मिली। कार के अंदर कोई मौजूद नहीं था। उन्होंने आलोक के दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों फोन स्विच ऑफ मिले। आसपास के लोगों से पूछताछ और काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।

परिवार ने दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट
मामले को लेकर अमन कुमार प्रधान ने लवालौंग थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और आलोक कुमार वर्मा की तलाश जारी है।
परिजनों ने मुख्यमंत्री और DGP से लगाई गुहार
आलोक कुमार वर्मा की पत्नी श्वेता और अन्य परिजनों ने बताया कि उनका किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी और न ही वे किसी मानसिक तनाव में थे। परिवार ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के डीजीपी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द आलोक कुमार वर्मा का पता लगाने की अपील की है। लापता हुए पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार बेहद चिंतित है।

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