कोडरमा में 2 कमरे के मकान का आया 36.44 लाख का बिजली बिल, सुधार की जगह विभाग ने भेजा कनेक्शन काटने का नोटिस

Meenu | July 5, 2026 | 05:32 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,कोडरमा :झारखंड के कोडरमा जिले से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो कमरों के एक साधारण मकान के उपभोक्ता को 36 लाख 44 हजार 364 रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। उपभोक्ता का आरोप है कि कई महीनों से बिल में सुधार कराने के लिए बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उल्टा विभाग ने बकाया जमा नहीं करने पर बिजली कनेक्शन काटने का नोटिस जारी कर दिया है।

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15 दिन में भुगतान नहीं किया तो कनेक्शन काटने की चेतावनी

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, कोडरमा की ओर से जारी नोटिस में उपभोक्ता को 15 दिनों के भीतर 36.44 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर बिजली कनेक्शन काटने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला कोडरमा जिले के कोलटेक्स क्षेत्र स्थित दो कमरों के एक मकान का है। उपभोक्ता का कहना है कि उनके घर की वास्तविक बिजली खपत इतनी नहीं हो सकती कि लाखों रुपये का बिल बन जाए। उन्होंने कई बार लिखित आवेदन देकर बिल में सुधार की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कोडरमा में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहली बार नहीं है जब कोडरमा में उपभोक्ताओं को लाखों रुपये के बिजली बिल मिले हों। लखीबागी निवासी महेश पांडेय को 69.76 लाख रुपये, कानूनगो बीघा की रूपा सामंता को 4.25 लाख रुपये, रंजीत सिंह को 1.66 लाख रुपये, सुजानपुर के अनिल कुमार को 1.33 लाख रुपये, नयाडीह के रामू पासवान को 1.26 लाख रुपये और राज इंटरनेशनल स्कूल को 1.06 लाख रुपये का बिजली बिल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी मामले ‘डिस्प्यूटेड बिल’ श्रेणी में हैं, लेकिन लंबे समय बाद भी इनमें सुधार नहीं किया गया है।

तकनीकी खामी पर उठे सवाल

पीड़ित उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि बिल तकनीकी त्रुटि के कारण गलत बना है तो विभाग को समय रहते उसका सत्यापन कर सुधार करना चाहिए था। उनका आरोप है कि विभाग अपनी गलती सुधारने के बजाय उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

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