NGT प्रतिबंध के बावजूद देवघर में अवैध बालू खनन का आरोप, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल

Rupa Kumari | July 4, 2026 | 04:15 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, देवघर : झारखंड में 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदी घाटों से बालू उठाव पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद देवघर जिले के कई इलाकों में अवैध बालू खनन जारी रहने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि रात के अंधेरे में नदी घाटों से बड़े पैमाने पर बालू निकाला जा रहा है और उसकी खुलेआम बिक्री की जा रही है।

आधी रात से सुबह तक चल रहा कथित बालू उठाव

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अवैध बालू खनन का काम देर रात शुरू होता है और सुबह तक जारी रहता है। इसके बाद ट्रैक्टरों के जरिए बालू को विभिन्न स्थानों पर पहुंचाकर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद यह कारोबार लगातार संचालित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक नोनियाद, लालपुर, टिटीचापर, शहरबेड़ा, बरसतीय, तेतरियाटांड़, खेलफाड़ीह, रामपुर, कानो, चैतनारी, पंदनिया और एकद्वारा समेत कई नदी घाटों से बालू निकाले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। वहीं शहर और आसपास के क्षेत्रों में बालू के अवैध भंडारण (स्टॉक) की भी बात कही जा रही है।

खनन पदाधिकारी पर संरक्षण देने के आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि अवैध खनन गतिविधियों को रोकने में प्रशासन प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहा है। कुछ लोगों ने जिला खनन विभाग पर भी सवाल उठाते हुए अवैध कारोबार को संरक्षण मिलने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

टास्क फोर्स की कार्रवाई पर सवाल

अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी जिला टास्क फोर्स के पास है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई सीमित स्तर पर ही दिखाई देती है। उनका आरोप है कि कभी-कभार कुछ वाहनों पर कार्रवाई की जाती है, जबकि बड़े स्तर पर जारी अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। मामले को लेकर जिला खनन पदाधिकारी सुभाष रविदास का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। इस संबंध में उनका पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और एनजीटी के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पर्यावरण संरक्षण और खनन नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

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