बोकारो की लापता नाबालिग मामले में CBI की एंट्री, हाईकोर्ट ने CID के साथ मिलकर जांच के दिए निर्देश

Rupa Kumari | July 2, 2026 | 02:17 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : बोकारो की एक नाबालिग लड़की के लंबे समय से लापता रहने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। नाबालिग की मां उषा झा द्वारा दायर हेबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि अब CBI और CID आपसी समन्वय के साथ नाबालिग की तलाश करें तथा जांच प्रक्रिया को तेज करें। अदालत ने इस संबंध में सहायक सॉलिसिटर जनरल (ASGI) प्रशांत पल्लव को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

90 फीसदी चेहरा मैच होने पर कोर्ट ने उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद CID के एडीजी और विशेष जांच दल (SIT) ने अब तक की जांच की प्रगति से अवगत कराया। जांच का नेतृत्व कर रहे डीएसपी ने बताया कि ई-केवाईसी मिलान के दौरान एक युवती का चेहरा करीब 90 प्रतिशत तक लापता नाबालिग से मेल खाता पाया गया था। इस पर खंडपीठ ने सवाल किया कि जब चेहरे की समानता इतनी अधिक है, तो अब तक नाबालिग का पता क्यों नहीं लगाया जा सका। जवाब में जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि चेहरे की समानता के बावजूद अंगूठे के निशान और अन्य पहचान संबंधी विवरण मेल नहीं खा रहे थे। इसके बाद अदालत ने पुणे के एक मामले का संदर्भ देते हुए जांच में GAIT सॉफ्टवेयर के उपयोग का सुझाव दिया।

राज्य पुलिस की जांच पर अदालत ने जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति पर असंतोष भी व्यक्त किया। अदालत ने टिप्पणी की कि CID को जांच सौंपे जाने के बाद भी कार्रवाई काफी हद तक राज्य पुलिस की पूर्व जांच तक सीमित दिखाई देती है। खंडपीठ ने माना कि मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी की भागीदारी आवश्यक है। इसी कारण CBI को जांच में शामिल करने का निर्णय लिया गया, ताकि दोनों एजेंसियां मिलकर मामले को आगे बढ़ा सकें।

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2020 से लापता है नाबालिग

मामला अक्टूबर 2020 का है, जब बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलने पर नाबालिग की मां ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत के हस्तक्षेप के बाद CID ने जांच शुरू की, लेकिन अब तक लड़की का पता नहीं चल सका है। ऐसे में हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद मामले में CBI की भागीदारी से जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि CBI और CID की संयुक्त जांच से नाबालिग के संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने आती है या नहीं।

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